जुमलों की सरकार और जीडीपी बढ़ने का नया जुमला, उसके प्रचार का वही पुराना तरीका और 272 लाभार्थी प्रचारकों की टीम के खेल जैसा एक नया खेल कल भी हुआ
संजय कुमार सिंह
आज मेरे नौ अखबारों में छह लीड है, एक खबर तीन में और दूसरी दो में लीड बनी है। जो खबर तीन अखबारों की लीड बनी है वह समुद्री तूफान दित्वा का कहर है। नवोदय टाइम्स का शीर्षक है, श्रीलंका : दित्वा का कहर 150 मरे, श्रीलंका में राष्ट्रपति ने लगाया आपातकाल। यही लीड द हिन्दू और हिन्दुस्तान टाइम्स में भी है। द हिन्दू की खबर हिन्दुस्तानी है और शीर्षक है, दक्षिण तमिलनाडु में दित्वा के कारण बारिश और बाढ़, फसल क्षतिग्रस्त। खबर है कि चेन्नई समेत नौ जिलों में आज भारी और बेहद भारी बारिश हो सकती है। हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर है, श्रीलंका में भारी तबाही के बाद भारत समुद्री तूफान दित्वा से निपटने की तैयारी में है। जो खबर दो अखबारों में लीड है वह सूर्य के विकिरण (रेडिएशन) से विमानों पर खतरे की खबर है। अमर उजाला का शीर्षक है, सोलर रेडिएशन से एयरबस के छह हजार विमानों को खतरा, दुनिया भर में अफरा-तफरी। देशबन्धु की लीड का शीर्षक है, दुनिया भर में थम गए 6000 विमानों के पहिए। पहली खबर समुद्री तूफान या प्राकृतिक आपदा की है। तबाही श्रीलंका में हुई है। इसका असर दक्षिण भारत में होगा, उससे निपटने की तैयारी है। ऐसे में यह कितना महत्वपूर्ण है आप समझ सकते हैं। आम पाठकों में कितने विमान यात्री होते हैं और विमान की चिन्ता कितनों के लिए मायने रखती है इस तथ्य के साथ अमर उजाला का उपशीर्षक है, फ्रांसिसी कंपनी ने ए-320 बेड़े में सॉफ्टवेयर अपडेट करने के लिए उड़ानें रोकने का निर्देश दिया था। भारत में 338 विमान प्रभावित, कुछ उड़ानों में देरी, डीजीसीए ने कहा – अधिकांश में अपडेट पूरा। इन तथ्यों के आधार पर मुझे लगता है कि यह खबर हवाई यात्रियों में डर फैलाने के अलावा कोई और काम नहीं करेगी खासकर तब जब डीजीसीए ने कहा है कि (संभवतः भारत के) अधिकांश (विमानों) में अपडेट पूरा है। देशबन्धु की खबर के अनुसार इंडिगो और एयर इंडिया की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। सॉफ्टवेयर फिक्स इंस्टाल करने के लिए भारत में एयरक्राफ्ट को कुछ समय के लिए ग्राउंड करना होगा। जब डीजीसीए ने कहा है कि अधिकांश में अपडेट पूरा है और जिसमें करना है उसके लिए एडवाइजरी जारी हो चुकी है तो इसके लिए (कुछ) विमानों को (कुछ देर के लिए) ग्राउंड करना होगा कितनी बड़ी खबर है, आप समझ सकते हैं। ऐसी खबरों के कारण आज द टेलीग्राफ की लीड बंगाल के एक फेरी वाले, राहुल इस्लाम की उड़ीशा में पिटाई और जयश्री राम बोलकर बचने तथा उसके कारणों की खबर लीड है।
द हिन्दू की खबर है, डीजीसीए ने एयरबस ए320 विमानों में तत्काल सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने के आदेश दिए। दि एशियन एज की खबर का शीर्षक है, एयरबस की चेतावनी ने डीजीसीए का अलर्ट प्रेरित किया, उड़ान प्रभावित। नवोदय टाइम्स की खबर है, एयरबस ए-320 में सॉफ्टवेयर अपडेट के लिए उड़ानें रोकीं। हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर का शीर्षक है, सावधानी की अधिकता: सौर ज्वाला से प्रभावित विमान के कारण एयरबस को ठीक करने के लिए सब सक्रिय हुए। ध्यान रखें, यहां विकिरण नहीं ज्वाला है अंग्रेजी में फ्लेयर शब्द का इस्तेमाल किया गया है। आज दिन में जब मैं अखबारों में भांति-भांति की इन खबरों को पढ़ रहा था और सोच रहा था कि उड्डयन क्षेत्र की ये खबरें न तो एक स्रोत से ली गई हैं और न ही एक स्रोत से बताई गई हैं। इसका कारण यह भी है कि प्रधानमंत्री प्रेस कांफ्रेंस नहीं करते, इसकी जरूरत नहीं समझते और उनके समर्थक भी नहीं मानते हैं कि सरकार को खबर देने की व्यवस्था करना भी जरूरी है और वह ‘मन की बात’ करने से नहीं होता है। सोशल मीडिया पर सूचना थी कि 11 बजे मन की बात का सीधा प्रसारण सुना जा सकता है। मुझे नहीं पता इसका सीधा प्रसारण करने की जरूरत क्या है और सुनने से क्या लाभ होगा या सीधा प्रसारण क्यों सुनना चाहिए। फिर भी प्रधान प्रचारक को पसंद है तो देश के खर्च पर जारी है। जिसकी जरूरत है वह नहीं हो रहा है और पीआईबी को फैक्ट चेक नाम के लगभग फालतू काम में लगा दिया गया है जो किसानों के लिए कानून बनाने जैसा काम है।
भले पत्रकार इसका विरोध किसानों की तरह नहीं कर पाएं और प्रधानमंत्री को यह नहीं कहना पड़े कि मेरी सरकार किसानों ख़ासकर छोटे किसानों के कल्याण के लिए, देश के कृषि जगत के हित में, देश के हित में, गाँव ग़रीब के उज्जवल भविष्य के लिए, पूरी सत्य निष्ठा से, किसानों के प्रति समर्पण भाव से, नेक नीयत से ये क़ानून लेकर आई थी। किसानों के लिए संशोधित कानून नहीं आया, पीआईबी का काम नहीं बदलेगा। इस तरह जो पहले रेवड़ी बांटने का विरोध करता था, सत्तारूढ़ दल पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाता था वह चुनाव आयोग के जरिए, सुप्रीम कोर्ट की मदद से घुसपैठिए तलाश रहा है और इसमें आम वोटर के वोटर बने रहने पर संकट पैदा हो गया है दूसरी ओर, सरकार मुफ्त राशन के साथ अलग-अलग वर्गों को नकद बांट कर वोट खरीद रही है। यही नहीं, चुनाव आयोग से ऐसी मिलीभगत है कि एडवांस पेमेंट भी करने दिया गया। भले इससे पता चलता है कि पैसे देकर भी सरकार की हालत क्या है और जीतते रहने के लिए एसआईआर जरूरी है। इसके बावजूद आज दो अखबारों ने विमानों की सुरक्षा से संबंधित इस खबर को लीड बनाया है जब कल जीडीपी बढ़ने की खबर के साथ यह नहीं बताया गया था कि आईएमएफ यानी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत की जीडीपी डाटा श्रृंखला के लिए ‘सी’ ग्रेड को कायम रखा है। कल इसे इंडियन एक्सप्रेस में सिंगल कॉलम की खबर के शीर्षक के रूप में बिना खबर के छापा गया था और बताया गया था कि ये वाली खबर पेज 13 पर है। कल मैंने लिखा था कि बाकी अखबारों में बहुत कम ने बताया था कि डाटा भारत सरकार का है और यह दावा विपक्ष के सवालों के बीच किया गया था।
कहने की जरूरत नहीं है कि पूरा मामला सरकार के प्रचार का था और इंडियन एक्सप्रेस ने भी यह काम किया था। खबर के साथ यह भी बताया गया था कि प्रधानंमंत्री के अनुसार, जीडीपी के इस विकास से हमारे लोगों के परिश्रम, उत्साह और साहस का पता चलता है। यह कल की खबर का फ्लैग शीर्षक था। आईएमएफ भारत के डाटा को सबसे नीचे की डी श्रेणी से ऊपर वाली सी श्रेणी में रखता है। यह एक महत्वपूर्ण और संबंधित खबर थी, इस आधार पर खबर या दावे का विरोध भी किया गया था लेकिन प्रचारकों के लिए इसका कोई मतलब नहीं रहा और सोशल मीडिया पर भांति-भांति के दावे किए गए, मोदी सरकार को कामयाब और योग्य प्रचारित करने की कोशिश हुई सो अलग। कल की खबरें ऐसी थीं तो इंडियन एक्सप्रेस ने भी वही किया लेकिन आज अकेले इंडियन एक्सप्रेस ने जो खबर छापी है वह कल की खबर को संदेह के घेरे में लाती है। जाहिर है कि भाजपा का इको सिस्टम इसका प्रचार नहीं करेगा और आम लोगों में कल का असर रहेगा। जो लोग सब जानते समझते हैं उन्हें यह सरकार अर्बन नक्सल कह कर बदनाम करती है सो अलग। हालांकि वह अलग मुद्दा है। इंडियन एक्सप्रेस की आज की खबर है, अमेरिका को निर्यात कम हुआ : समुद्री, ऑटो, जेवर (निर्यात) के लिए नए बाजार तलाशे। एशियाई, पश्चिम एशियाी देशों, जर्मनी और कुछ ईयू सदस्यों ने विविधीकरण की संभावनाओं को खोला है। जाहिर है, इसमें खबर यह भी है कि फ्रेंड ट्रम्प के टैरिफ के कारण अमेरिका को निर्यात कम हुआ है। भारत स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की बात करता है फिर भी जीडीपी बढ़ने का दावा किया गया है। उसे प्रचारित किया जाता है जबकि संबंधित सवाल दबा दिए जाते हैं। जीडीपी बढ़ने के लक्षण नहीं हैं सो अलग।
जहां तक सरकार के काम और प्रचार की बात है। कौन नहीं जानता है कि नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि
- स्विस बैंक में इतना कालाधन रखा है कि वापस ले आया जाए तो सबको 15 लाख मिलेंगे
- शेल कंपनियों के जरिए भारत का काला धन वापस भारत की कंपनियों में निवेश होता है
- लाखों शेल कंपनियां बंद कराई गईं लेकिन यह नहीं बताया कि निवेश पर क्या असर पड़ा
- अदाणी के यहां निवेश पर जवाब नहीं दिया, राहुल गांधी की सदस्यता चली गई सो अलग
- सत्ता में आने पर स्विस बैंक में रखा काला धन 100 दिन में वापस आना था
- नोटबंदी से काला धन खत्म होना था, वेश्यावृत्ति और आतंकवाद भी रुकना था
- नोटबंदी में कितने मरे पर लाभ का पता नहीं, सपनों के भारत का नाम नहीं
- 50 दिन में सपनों का भारत बनना था अब 2047 का इंतजार कीजिए
- टू जी घोटाले के जीरो याद हैं? पकड़ा कोई नहीं गया, 5जी बहुत कम में बिका
- कोयला घोटाले का भी यही हाल रहा, बाद के अदाणी घोटाले को लोग भूल गए
- ईडी-सीबीआई ने कितनी ही राजनीतिक जांच ली, पीएमएलए केस बनाए, नतीजा सिफर
- नेशनल हेरल्ड का मामला चल रहा है, सुब्रमण्यम स्वामी को ईनाम अब उनके आरोप
- विनोद राय को रिटायरमेंट के बाद मिले लाभ के बाद अब सीएजी की रिपोर्ट का पता नहीं
- रंजन गोगोई के खिलाफ आरोप, उन्हें मिले लाभ-सुविधाएं और फिर ईनाम
- झोला उठाकर चल दूंगा, मार्गदर्शक मंडल और फिर अपने 75 साल के बावजूद
- चुनाव व वोट चोरी, मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन और जबरदस्ती का एसआईआर
इन सबके बावजूद सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड का मामला चल रहा है। मामला लालू यादव परिवार के खिलाफ भी चल रहा है लेकिन वाशिंग मशीन में धुल चुके लोगों के मामलों का पता नहीं है। आम आदमी पार्टी के नेता सत्येन्द्र जैन हर तरह के परेशान और बदनाम किए जाने के बावजद क्लीन चिट प्राप्त कर चुके हैं। आम आदमी पार्टी दिल्ली चुनाव हार गई लेकिन मतदाता सूची में छेड़छाड़ का मामला तो है ही और वह अलंद का भी है जिसकी जांच भाजपा नेता से होते हुए अमेरिका तक पहुंची है लेकिन खबर या चर्चा नहीं है। चुनाव आयोग ने 18 महीने में 18 चिट्टठियों के जवाब में विवरण नहीं दिया अभी भी नहीं दे रहा है। भाजपा का इको सिस्टम और प्रचार तंत्र 272 अनैतिक (या लाभार्थी) प्रचारकों के सहयोग से इसे मुद्दा ही नहीं रहने देना चाहती है और फिर भी आज टाइम्स ऑफ इंडिया की लीड है, नेशनल हेरल्ड मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ नई एफआईआर। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ईडी की शिकायत पर कार्रवाई की। कल मैंने लिखा था कि बीएलओ की मौत और ऐसे मामले में एफआईआर का हिसाब भी मीडिया ने नहीं छापा है लेकिन नेशनल हेरल्ड का फैसला ही नहीं हो रहा है जो इस सरकार ने क्यों शुरू किया है समझना मुश्किल नहीं है। जिन मामलों की जांच नहीं हुई वो अपनी जगह हैं ही। इनमें चुनाव लड़ने के लिए दायर शपथपत्र के मामले शामिल हैं। ईडी ने कहा और टाइम्स ऑफ इंडिया ने हाईलाइट किया है – अपराध की कुल धनराशि 988 करोड़। दि एशियन एज की अलग लीड का शीर्षक है, नाश्ते पर युद्धविराम : कर्नाटक में टकराव के बीच सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार एक हुए। कहने की जरूरत नहीं है कि कर्नाटक से शुरू हुए वोट चोरी के आरोप, उसकी जांच और मिल रहे सबूतों ने भाजपा को परेशान कर रखा है और वह कोशिश में होगी कि किसी तरह सरकार गिर जाए (ऐसा वह पहले कर चुकी है) तो वोट चोरी के आरोपों और संभावित खुलासे से छुटकारा मिले। वह ऐसा प्रचार कर ही रही है और सरकार गिर गई, मामला उसके नियंत्रण में आ गया तो जज लोया की मौत की जांच की तरह वोट चोरी के मामले की भी जांच की जरूरत नहीं रह जाएगी। जज लोया की जांच रोकने के लिए भाजपा ने महाराष्ट्र में अपनी सरकार बनाई और कैसे बनाई सबको पता है।

मैं रोज तीन हिन्दी और छह अंग्रेजी, कुल नौ, कई बार इससे भी ज्यादा अख़बार देखकर उसकी खास बातें लिखता हूँ। अंग्रेजी की खबरों के खास अंशों का अनुवाद करता हूं। वह भी लिखता हूं जो अखबार नहीं लिखते या नहीं लिख सकते हैं। जो लिखता हूं उसमें बहुत कुछ याद से लिखा होता है। चैट जीपीटी का सहयोग होता है। कुछ अंग्रेजी अखबारों की खबरों का अनुवाद होता है। इसलिये भूल-चूक की आशंका है। कृपया कहीं उल्लेख करने या हवाला देने से पहले अपने स्तर पर पुष्टि कर लें।


