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अडानी समूह के खिलाफ अमेरिका में बैठी एक और जांच, ईरान से गैस लेकर हेरफेर करने का आरोप!

नई दिल्ली। गौतम अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों के रडार पर आ गई है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में स्वीकार किया है कि उसे अमेरिका के वित्त विभाग के अधीन संस्था ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) की ओर से नोटिस मिला है।

यह नोटिस ईरान से पेट्रोलियम उत्पादों के कथित आयात को लेकर गैर-आपराधिक जांच के तहत जारी किया गया है। अमेरिकी एजेंसी ने प्रतिबंधित ईरानी संस्थाओं से संभावित लेन-देन को लेकर अडानी से विस्तृत जानकारी मांगी है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट से खुला मामला

यह पूरा मामला जून 2025 में वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद सामने आया था। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि अडानी से जुड़ी कुछ कंपनियों ने अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए शिपिंग मार्गों के जरिए ईरानी एलपीजी (LPG) भारत में आयात किया।

इस रिपोर्ट के बाद अमेरिकी अभियोजक यह जांच कर रहे हैं कि क्या अडानी समूह ने गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह के माध्यम से ईरानी गैस का आयात किया।

अडानी का दावा: कोई उल्लंघन नहीं

हालांकि अडानी एंटरप्राइजेज ने सफाई देते हुए कहा है कि वह OFAC के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध कराएगी। कंपनी का यह भी दावा है कि अमेरिकी प्राधिकरण से प्राप्त संचार में किसी प्रकार के उल्लंघन या गैर-अनुपालन का कोई निष्कर्ष शामिल नहीं है।

कंपनी ने यह भी दोहराया कि वह नीतिगत रूप से किसी भी बंदरगाह पर ईरानी मूल के किसी भी माल का प्रबंधन नहीं करती और न ही ऐसे जहाजों को कोई सुविधा देती है जिनके मालिक ईरानी हों।

सवालों के घेरे में अडानी की साख

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सिर्फ तकनीकी जांच भर नहीं है। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध कानूनों के उल्लंघन का गंभीर मामला बन सकता है, जिसमें भारी जुर्माने से लेकर वैश्विक कारोबारी प्रतिबंध तक लग सकते हैं।

पहले ही हिंडनबर्ग रिपोर्ट, शेल कंपनियों, टैक्स हेवन और शेयर मैनिपुलेशन जैसे आरोपों से घिरे अडानी समूह के लिए यह नई जांच उसकी वैश्विक साख पर एक और बड़ा सवाल खड़ा करती है।

अब असली सवाल यह है कि—क्या अडानी सचमुच अमेरिकी प्रतिबंधों को चकमा देकर ईरान से तेल और गैस भारत ला रहा था, या फिर यह मामला भी बाकी विवादों की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा?


मूर्ति नैन-

अमेरिकी शिकंजे में अडानी: क्या तेल की हेराफेरी’ डुबोएगी अडानी का साम्राज्य?

अमेरिका में अडानी पर एक नया मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर ईरान से अवैध रूप से तेल और गैस भारत लाने का आरोप है।

​आरोप के अनुसार, अडानी के ऑयल टैंकर कागजों में इराक जाते थे, लेकिन वहां से तेल-गैस न लाकर ईरान से अवैध रूप से भरकर लाते थे।

यह मामला 2023 से 2025 के बीच का है। ‘शिप टैंकर ट्रैकर’ की रिपोर्ट में इन जहाजों की मौजूदगी ओमान की खाड़ी में पाई गई है।

​विदेशी संपत्ति नियंत्रण बोर्ड (OFAC) ने इस संबंध में सिविल जांच का केस दर्ज़ कर लिया है।

अडानी की मुश्किलें अमेरिका में धीरे-धीरे बढ़ती जा रही हैं। यदि ये इल्जाम साबित हुए, तो उन पर कड़े प्रतिबंध लग सकते हैं।

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