आगरा- आईपीएल मैचों पर लाखों रुपए का सट्टा खिलाने वाले पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसीपी ताज सुरक्षा, मयंक तिवारी के नेतृत्व में आगरा पुलिस ने फतेहाबाद रोड स्थित होटल हावर्ड पार्क प्लाजा से रेड मारकर कमरा नंबर 318 से नामी चार बुकियों को गिरफ्तार किया है, वही एक सटोरिए को उसके घर से दबोचा है। गिरफ्तार पांचों बुकियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
सटोरियों का मास्टर माइंड निकला ताज प्रेस क्लब का सचिव
पुलिस ने सूचना के बाद होटल हावर्ड पार्क प्लाजा के कमरा नंबर 318 से जब नामी बुकियों को गिरफ्तार किया तो पता चला कि इनका मास्टर माइंड कथित पत्रकार ताज प्रेस क्लब का सचिव पीयूष शर्मा है। एसीपी मयंक तिवारी के साथ पुलिस ने रेड की तो आईपीएल पर सट्टा खिलाने वाले सुनील धाकड़, अनिल खेम्यानी, मनीष मयानी और राहुल मुद्गल उर्फ लाला को पकड़ा। जब जांच हुई तो शाहगंज निवासी पीयूष शर्मा का नाम प्रकाश में आया, उसके और लाला मुद्गल के बीच बड़े बड़े लाखों के लेनदेन थे इसके आधार पर पुलिस ने पीयूष के घर पर दबिश दी तो पीयूष पुलिस को दबाव बनाने और अपना रुतबा दिखाने के लिए अपने आप को प्रेस क्लब का सचिव बताने लगा, पुलिस ने इस कथित पत्रकार की एक ना सुनी और उसको गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की सख्ती के आगे कथित पत्रकार ने कबूला सच
पुलिस की सख्ती देखते ही पीयूष डर गया उसने सारी सच्चाई पुलिस को बता दी। उसने बताया कि ना सिर्फ वो सट्टेबाजों को फाइनेंस करता है इतना ही नहीं वो लाटरी भी चलाता है जिसके अधिकांश मेंबर सटोरिए ही है।
सट्टेबाजों को रुपए देने वालों में संजय कालिया, अनिल शर्मा उर्फ अन्नी, राधे मल्होत्रा, राजीव चोपड़ा, टोनी सिंधी, बोनी वकील भारत पेशवानी को भी पुलिस ने वांछित किया हैं। एसीपी मयंक तिवारी ने बताया कि जो भी ग्राहक फोन करके भाव लगाते थे सट्टेबाज उसे नोट करते थे बड़े खिलाड़ियों की आईडी बन जाती थीं पुलिस से बचने के लिए सट्टे का खेल ये सभी होटल के कमरे में खेल रहे थे।
राधे मल्होत्रा और अनिल शर्मा उर्फ अन्नी का नाम 2009 में हुए शैल कुंद्रा हत्याकांड में भी आया था। पुलिस ने वारदात का खुलासा ओपी गैंग पर किया था। शैल कुंद्रा के ऊपर रामकिशन की हत्या का आरोप था। राम किशन के भाई राधे ने ही वारदात को अंजाम दिलवाया था। मामले में राधे और अन्नी भी जेल गए थे हालांकि बाद में कोर्ट से आरोपित बरी हो गए थे।
ताज प्रेस क्लब को भी ले डूबा कथित पत्रकार पीयूष
कथित पत्रकार पीयूष शर्मा के संबंध शहर के सभी सटोरियों और जुआरियों से है। हमेशा विवादों में रहने वाला पीयूष जैसे ही ताज प्रेस क्लब का सचिव बना मानो इसकी दुकान चल पड़ी। गलत काम करने वाले लोगों को इसने धमकाना शुरू किया प्रेस क्लब में पानी की मशीन हो या अन्य काम पीयूष करवाने लगा जिसकी वसूली वो शहर के सटोरियों और जुआरियों से करता था। प्रेस क्लब चुनाव जीतने के लिए पीयूष ने शराब से लेकर कबाब तक सभी इंतजाम किए थे। जन संदेश अखबार में अपने को बड़े पद पर बताने वाले पीयूष शर्मा ने बहुत बड़ी रकम जन संदेश आगरा के संपादक नितेश शर्मा से भी हड़प ली है। ऐसा कोई सगा नहीं जिसे पीयूष ने ठगा नहीं। कथित पत्रकार मानवेंद्र मल्होत्रा से जुए सट्टे की पोस्ट डलवाकर इसने शहरभर में खूब वसूली की लेकिन इसकी भनक मानवेंद्र को नहीं लगी मानवेंद्र तो सोचना रहा कि पीयूष उसका दोस्त है। बेचारा मानवेंद्र बदनाम भी हुआ और उसे कुछ मिला भी नहीं।
चर्चित सटोरिया संजय कालिया भी मुकदमे में नामजद हुआ है। संजय कालिया पर पुलिस कई बार कार्रवाई कर चुकी है जेल भेज चुकी है, वो गैंगस्टर भी है संजय कालिया से भी पीयूष का बड़ा लेनदेन है। लेकिन कहते है ना की चोर चोर मौसेरे भाई, इस मुकदमे के सभी आरोपियों का पुराना इतिहास है इसलिए पुलिस किसी को भी बख्शेगी नहीं।

एफआईआर पढ़ें-







पत्रकार पीयूष शर्मा का पक्ष पढ़ें-


