अभी तो गडकरी जी ने खुद Indian Express को दिए इंटरव्यू में माना कि E20 से माइलेज “marginally” कम होती है।
फिर ये “डीलर की मशीन से चेक कराओ” वाला ज्ञान क्या था?
दोगलेपन की भी हद है भाई!
-विजय सिंह, अधिवक्ता
उमाशंकर सिंह-
‘हवा में उड़ते हुए’ सड़क परिवहन मंत्री का इंटरव्यू
सवाल : आपने जो आम दिए हैं वे खट्टा है।
जवाब : आप इमली की बात मत कीजिए।
इथेनॉल के मुद्दे पर नितिन गडकरी के इस इंटरव्यू का एक पंक्ति में सार यही है।
पूरा इंटरव्यू सुन लीजिए। अगर आप अपना माथा नहीं पकड़ लेंगे तो फिर कहिएगा!
मेघा ने माइलेज के मुद्दे पर पहले सवाल से ही घेरा। अपनी गाड़ी की माइलेज का भी उदाहरण दिया। पर गडकरी ने कहा, माइलेज मापने की मशीन घर में नहीं होती, डीलर से जांच कराइए! दिक़्क़त हो तो कंज़्यूमर कोर्ट जाइए!
मतलब कुछ भी!
माइलेज बताने का मीटर घर में नहीं होता पर हर गाड़ी में तो होता ही है। इसको नकार दिया गडकरी ने!
कार कंपनियों के लिए ये बहुत ही आपत्तिजनक बात है कि दशकों से हर कार के साथ बनाए गए उनके माइल-मीटर पर गडकरी ने सवाल उठा दिया है!
पर शायद कार कंपनियाँ गडकरी की इस बात के ख़िलाफ़ फिर भी ना बोलें! संभवतः कोई डर या दबाव होगा! नहीं तो कार कंपनियों को सामने आकर स्वीकारने चाहिए कि कार में फिट माइल-मीटर धोखा है!
बात इतनी भर नहीं है।
क़रीब आधे घंटे के इस इंटरव्यू में गडकरी ने किसी सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया है। गोल गोल घुमाया है। ज़्यादा कुरेदने पर अपरोक्ष रूप से FIR और परोक्ष रूप से Defamation केस तक की धमकी दी है!
सवाल पूछा जा रहा है E10 वाली गाड़ियों में E20 डाले जाने की और जवाब दे रहे हैं 100% इथेनॉल या पेट्रोल से चलने वाले फ़्लेक्सी फ़्यूल इंजन की!
सवाल : इथेनॉल के बाद भी पेट्रोल सस्ता क्यों नहीं हुआ?
जवाब : आयं बाएँ साएं
जब एक सवाल का जवाब न सूझा तो पेट्रोलियम मिनिस्ट्री पर बात टाल दी!
इस पूरे इंटरव्यू पर एर रिसर्च पेपर लिखा जा सकता है। रिसर्च पेपर इस बात पर कि जब तर्क और तथ्य न पेश कर पा रहे हों तो अपनी ज़िद को सही साबित करने के लिए इंटरव्यू नहीं देना चाहिए।
बहुत लंबा लिखा जा सकता है। लेकिन निचोड़ ये कि अगर प्रधानमंत्री narendra modi अपने मंत्री nitin gadkari की इन तमाम बातों को सुनने के बाद भी इन पर समुचित ‘नीतिगत’ कार्रवाई नहीं करते हैं तो फिर समझ लीजिए कि ईश्वर नहीं, अब इथेनॉल ही सबका मालिक है।
026 का सबसे धाकड़ इंटरव्यू E20 petrol के बारे में।
मेघा प्रसाद: मेरे पास पेट्रोल वाली एक कार है। पहले वह शहर के अंदर 11–12 kmpl का एवरेज देती थी, लेकिन अब वही कार सिर्फ़ 7 kmpl का एवरेज दे रही है ,
ट्रैफिक भी वही है, रास्ता भी वही है, फिर माइलेज इतना कम क्यों हो गया?
नितिन गडकरी: आपने अपना एवरेज कैसे चेक किया?
मेघा प्रसाद: जैसे पहले फुल टैंक करके किलोमीटर के हिसाब से चेक करते थे, आज भी उसी तरीके से चेक किया है,
इस पर नितिन गडकरी ने कहा कि माइलेज ऐसे चेक नहीं होता, इसे सर्विस सेंटर की मशीन से चेक कराया जाता है।
इसके बाद मेघा प्रसाद ने कहा, यानी आप यह नहीं मानेंगे कि आपके ब्रांडेड E20 पेट्रोल की वजह से मेरी गाड़ी का माइलेज कम हुआ? आप इस बात को नहीं मानेंगे?”
-रुद्र यादव



