भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को लेकर सोशल मीडिया में माफी मांग लेने की बात चल रही है। यह माफी उस एवज में बतायी जा रही है, जिसमें दुबे ने अखिलेश यादव की टिन्नू यादव से 980 बार फोन पर वार्तालाप होने का दावा किया था। एक सपा समर्थक ने केस कर दिया। दुबे को नोटिस मिला, जिसके बाद कहा जा रहा है कि दुबे ने माफी मांग ली। सारे कागज पत्तर भी इंटरनेट पर वायरल हैं।
लेकिन इस मामले में निशिकांत दुबे का जो तर्क है, वह सबसे आखिर में पढ़िए…
कृष्ण कांत-
भाजपा में एक बड़बोले नेता हैं डिग्री दुबे। उनका नाम डिग्री दुबे इसलिए है क्योंकि उनकी भी डिग्री नहीं मिल रही है।
तो डिग्री दुबे ने फर्जी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव और अयोध्या में RSS का मोहरा बने टिन्नू यादव के बीच 980 बार बात हुई। सपा वालों ने केस कर दिया। पंडित नेहरू के बारे में रोज बकवास करके डिग्री दुबे की आदत खराब है। लेकिन इस बार फंस गए तो तुरंत सावरकर मोड में आ गए।
चिट्ठी लिख कर अखिलेश यादव से माफी मांगी है। उनके वकील ने अखिलेश यादव के वकील को लिखा है कि-
“मेरे मुवक्किल को इस बात का गहरा खेद है कि उनके द्वारा दिए गए किसी भी कथन या टिप्पणी को आपके मुवक्किल ने अनजाने में अपमानजनक या आहत समझा हो। मेरे मुवक्किल का आपके मुवक्किल की प्रतिष्ठा, गरिमा या व्यावसायिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। यदि अनजाने में कोई ठेस पहुंची हो, तो मेरे मुवक्किल इसके लिए हार्दिक क्षमा मांगते हैं।”
इस माफी प्रकरण के अलावा आप संघियों की धूर्तता पर गौर कीजिए। मंदिर ट्रस्ट पर पूरा कब्जा इनका है। साधु संतों तक को राम मंदिर से और ट्रस्ट से बाहर कर दिया। अकूत धन लूट लिया और अब मौका खोज रहे हैं कि कैसे विपक्ष को या मुसलमानों को जिम्मेदार ठहरा दिया जाए।
अब जाने जनता जनार्दन और दीनानाथ अजुध्या! चोर संघियों का इलाज इन्हीं दोनों के पास है।

जब माफी ही मांगना रहता है तो किसी बड़े नेता को क्यों चैलेंज करते हो?
निशिकांत दुबे जितनी खुद की बेइज्जती करानी थी करा चुके और आपकी माफी ने ये भी साबित कर दिया कि आप झूठ बोल रहे थे।
टिन्नू यादव के साथ आपने अखिलेश यादव जी का नाम फर्जी जोड़ा कम से कम अपने पद की गरिमा रखे होते।
शर्म तो आ नहीं रही होगी ये सब करते और माफीवीर बनकर क्यों निशिकांत दुबे जी?
अब एकबार अखिलेश यादव जी से पर्सनली माफी मांग लो हमारे नेता बड़े दिलदार हैं माफ कर देंगे।
-मनीष यादव ‘लालू’
निशिकांत दुबे कह रहे हैं कि-



