देहरादून/भोपाल। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के देहरादून दौरे और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की कवरेज को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। दावा किया जा रहा है कि दैनिक भास्कर के भोपाल संस्करण में इस कार्यक्रम की खबर 17वें पृष्ठ पर नीचे करीब 4×7 सेंटीमीटर के छोटे बॉक्स में प्रकाशित की गई।
सोशल मीडिया पर साझा की जा रही अखबार की कटिंग में राहुल गांधी के बयान को संक्षेप में प्रकाशित किया गया है। खबर में उनके पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और एनटीए को लेकर दिए गए बयान का उल्लेख है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष के कार्यक्रम को अपेक्षित प्रमुखता नहीं दी गई।
इसे लेकर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए हैं कि राष्ट्रीय राजनीति के एक प्रमुख नेता के कार्यक्रम को अंदर के पन्ने पर सीमित स्थान दिए जाने से मीडिया की संपादकीय प्राथमिकताओं पर चर्चा होना स्वाभाविक है।
हालांकि, दैनिक भास्कर की ओर से इस कवरेज को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि किसी भी समाचार पत्र में खबरों का चयन, उनका स्थान और आकार संपादकीय निर्णय का विषय होता है।
वहीं, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स यह तुलना भी कर रहे हैं कि यदि इसी प्रकार का कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का होता, तो उसे पहले पन्ने या अधिक प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाता। हालांकि, यह एक राय और अनुमान है, न कि स्थापित तथ्य। इसलिए इसे तथ्य के रूप में नहीं कहा जा सकता।
अशोक कुमार पांडेय-
कल देहरादून में हुए छात्रों की गूँज कार्यक्रम की आज के अख़बारों में रिपोर्ट देखिए और आप समझ जायेंगे कि विपक्ष के आंदोलन को हाशिये पर रखने के लिए कितनी मेहनत हुई है।
कहीं कोने में मिलेगा, कहीं चौथे पेज पर और कहीं आख़िरी पर। गिरफ़्तारी सुबह की गई ताकि सोशल मीडिया पर वही ख़बर चले।
बाक़ी राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला तो ग़ायब हो ही गया।
भोपाल के दैनिक भास्कर में अंतिम से पहले वाले पेज पर साढ़े तेरह लाइन की ख़बर।
दीदे फाड़कर ढूंढी तब मिली।
-डॉ राकेश पाठक

सूचनार्थ..
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कल के देहरादून कार्यक्रम की खबर भास्कर के 17वें पृष्ठ पर नीचे 4×7 सेंटीमीटर में लगी है.
-अनुराग चतुर्वेदी
संघ के मुखपत्र पान्चजन्य की हेडिंग देखिए

उत्तराखंड के पत्रकार राहुल कोटियाल ने क्या लिखा है पढ़िए…
1977 में कांग्रेसी सत्ता पर बाबूजी भारी पड़े थे, कल सत्ताधारी भाजपा पर राहुल गांधी भारी पड़ गए!



