जयपुर (राजस्थान)। राजधानी जयपुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में खुद को पत्रकार बताने वाले चार लोगों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, रंगदारी मांगने, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता जुगल किशोर मीणा ने आरोप लगाया है कि वह मुण्डोता स्थित अपनी जमीन पर रिसोर्ट विकसित करने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) में भूमि परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी करा रहे थे। इसी दौरान प्रकाश जोशी ने स्वयं को एक समाचार पत्र का संपादक बताते हुए उनसे संपर्क किया।
शिकायत में आरोप है कि प्रकाश जोशी ने कथित तौर पर कहा कि यदि रिसोर्ट का काम बिना किसी परेशानी के कराना है तो एक करोड़ रुपये देने होंगे। आरोप है कि रकम नहीं देने पर शिकायतें कर निर्माण कार्य रुकवाने और समाचार प्रकाशित कर बदनाम करने की धमकी दी गई।
पीड़ित का आरोप है कि डर के कारण उसने आरोपियों को एक लाख रुपये भी दिए। इसके बावजूद कथित रूप से लगातार दबाव बनाया जाता रहा।
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि 14 जुलाई को जेडीए कार्यालय में शिकायतकर्ता के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, धक्का-मुक्की की गई और दोबारा एक करोड़ रुपये की मांग की गई।
पुलिस ने इस मामले में प्रकाश जोशी, अनिल शर्मा, हंसराज समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में आरोपों की सत्यता की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बलरामपुर (यूपी)। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में पत्रकारिता की आड़ में कथित रूप से रंगदारी मांगने और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। नगर कोतवाली पुलिस ने एक सरकारी ठेकेदार की तहरीर पर खुद को पत्रकार बताने वाले मिथिलेश कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत में सत्यराज कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर अनन्या गौरव मिश्र ने आरोप लगाया है कि उनकी संस्था ने करीब नौ माह पहले इमिलिया खदर से मधवनगर खदर तक लगभग 2400 मीटर सड़क के लेपन का कार्य कराया था, जिसकी लागत करीब 37 लाख रुपये थी।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने इस कार्य को आधार बनाकर इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं झूठी खबरें प्रसारित करनी शुरू कर दीं। आरोप है कि इसके बाद उसने ठेकेदार पर लगातार धन उगाही का दबाव बनाया।
तहरीर में कहा गया है कि 27 जनवरी 2026 को आरोपी ने फोन कर मोटी रकम की मांग की। बाद में उसने पीड़ित को बलरामपुर स्थित यूपीटीडीसी होटल में बुलाया और कथित तौर पर धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो ऐसी खबरें चलाई जाएंगी, जिससे ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त हो जाएगा। आरोप है कि आरोपी ने डेढ़ लाख रुपये की मांग करते हुए भविष्य में काम करने के लिए भी नियमित रूप से पैसे देने का दबाव बनाया।
एफआईआर के मुताबिक, लगातार मिल रही धमकियों और बदनामी के डर से पीड़ित ने 15 जुलाई 2026 को आरोपी को 10 हजार रुपये भी दिए। इसके बावजूद कथित रूप से धन की मांग और दबाव जारी रहा। परेशान होकर ठेकेदार ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, जिसके बाद नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह कथित रूप से पत्रकारिता का प्रभाव दिखाकर लोगों को ब्लैकमेल करता है।
नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।



