नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और CNN की वरिष्ठ व्हाइट हाउस संवाददाता क्रिस्टन होम्स के बीच ओवल ऑफिस में तीखी नोकझोंक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान सवाल पूछने पर ट्रंप ने होम्स को कई बार चुप रहने के लिए कहा और उन्हें ‘फेक रिपोर्टर’ तथा ‘फेक न्यूज’ रिपोर्ट करने वाली पत्रकार करार दिया। इसके बाद व्हाइट हाउस की आधिकारिक सोशल मीडिया टीम ने भी होम्स पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं, जिसके बाद CNN ने राष्ट्रपति और प्रशासन के रवैये की कड़ी आलोचना की।
नताली हार्प को लेकर सवाल पर शुरू हुआ विवाद
मामला तब शुरू हुआ जब होम्स ने ट्रंप से डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन ओसॉफ की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया मांगी, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति पर शासन से ज्यादा व्हाइट हाउस की सहयोगी नताली हार्प के साथ रहने और कार्यक्रमों में व्यस्त रहने का आरोप लगाया था। जवाब में ट्रंप ने ओसॉफ का मजाक उड़ाते हुए उन्हें ‘पी-वी हरमन जैसा दिखने वाला’ बताया और सवाल को लेकर होम्स पर भी नाराजगी जताई।
इसके बाद होम्स ने दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों में कटौती और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से संपर्क को लेकर सवाल किया। इसी दौरान ट्रंप ने उन्हें बीच में रोकते हुए कहा कि वह बहुत ‘लाउड और बोइस्टरस’ हैं और उन्हें चुप रहने को कहा। ट्रंप ने आगे होम्स को ‘फेक रिपोर्टर’ बताते हुए कहा कि वह ‘फेक न्यूज’ रिपोर्ट करती हैं।
व्हाइट हाउस के सोशल मीडिया अकाउंट से निजी हमला
ओवल ऑफिस की इस बहस के बाद विवाद उस समय और बढ़ गया जब व्हाइट हाउस की Rapid Response 47 टीम ने सोशल मीडिया पर होम्स को निशाना बनाया। पोस्ट में उनके सवाल और पेशेवर रवैये पर हमला करने के साथ-साथ उनके बच्चों का भी जिक्र किया गया। एक पोस्ट में यहां तक कहा गया कि उनके बच्चे उनके व्यवहार से ‘शर्मिंदा’ होंगे।
इस हमले को लेकर अमेरिकी मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। आलोचकों का कहना है कि किसी पत्रकार के सवाल से असहमति जताना अलग बात है, लेकिन उसके परिवार और बच्चों को निशाना बनाना व्यक्तिगत हमले की श्रेणी में आता है।
CNN ने कहा- पत्रकारों पर व्यक्तिगत हमले स्वीकार नहीं
CNN ने अपनी वरिष्ठ व्हाइट हाउस संवाददाता क्रिस्टन होम्स का खुलकर बचाव किया। नेटवर्क ने कहा कि सार्वजनिक अधिकारी उन रिपोर्टों या सवालों को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र हैं, जिनसे वे असहमत हैं, लेकिन सवाल पूछने वाले पत्रकारों पर व्यक्तिगत हमले करना राष्ट्रपति पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है और स्वतंत्र प्रेस के सिद्धांतों के खिलाफ है। CNN ने कहा कि वह होम्स के साथ मजबूती से खड़ा है और इन हमलों को सख्ती से खारिज करता है।
यह घटनाक्रम ट्रंप और अमेरिकी मीडिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को एक बार फिर सामने लाता है। खास तौर पर महिला पत्रकारों के साथ ट्रंप और उनके प्रशासन के टकराव को लेकर भी यह मामला चर्चा में है। हाल के दिनों में CNN की अंतरराष्ट्रीय संवाददाता क्लैरिसा वार्ड भी व्हाइट हाउस की सोशल मीडिया टीम के निशाने पर रही थीं।
कुल मिलाकर, ओवल ऑफिस की यह घटना अब केवल ट्रंप और CNN की एक बहस तक सीमित नहीं रह गई है। पत्रकार के सवाल पर राष्ट्रपति की तीखी प्रतिक्रिया, इसके बाद व्हाइट हाउस की ओर से सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत हमले और फिर CNN का सार्वजनिक बचाव—इन तीनों ने अमेरिका में राष्ट्रपति और स्वतंत्र प्रेस के रिश्ते को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
व्हाइट हाउस और सीएनएन में तकरार, अमेरिकी राजनीति और पत्रकारिता का गिरता स्तर
सीएनएन की पत्रकार क्रिस्टीन होम्स ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से एक सीनेटर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया माँगी. इस पर ट्रम्प भड़क गए. उन्होंने सीनेटर को भी गरियाया और पत्रकार को भी. इसके बाद व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पोस्ट में पत्रकार के बच्चों का उल्लेख करते व्यक्तिगत हमला किया गया है कि उनके बच्चे भी घटिया सवाल के लिए शर्मिंदा होंगे. सीएनएन ने अपने पत्रकार का बचाव करते हुए कहा है कि उनका सवाल उचित था.
डेमोक्रेट सीनेटर जोन ओसॉफ़ ने एक बैठक में कहा था कि ट्रम्प अपना काम नहीं करना चाहते हैं, उनका ध्यान बस जलसाघर बनाने और अपनी सहायिका नेटाली हार्प के साथ क़तर द्वारा दिये गये महलनुमा हवाई जहाज़ में उड़ान भरने पर है.
एक भद्दे आदमी की दूसरे भद्दे आदमी पर की गई इस भद्दी टिप्पणी पर सीएनएन की पत्रकार ने भद्दा सा सवाल कर दिया. अब भद्दी भद्दी बातें हो रही हैं. उदारहरण के लिए, ओसॉफ़ को ट्रम्प ने ”Pee-wee Herman lookalike” कहा है. पत्रकार को उन्होंने “A loud boisterous person” कहा है. स्तरहीन हो चुकी अमेरिकी राजनीति और पत्रकारिता की फिर से भद्द पिट रही है.
-प्रकाश के रे, वरिष्ठ पत्रकार


