लखनऊ। राजधानी लखनऊ में पत्रकारिता की आड़ में एक महिला को ब्लैकमेल करने और रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। प्रयागराज की रहने वाली महिला ने गाजीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कुछ लोगों पर AI की मदद से उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, आरोपियों ने तस्वीरें वायरल करने और बदनाम करने की धमकी देकर उनसे 10 लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि बदनामी के डर से महिला ने 2.35 लाख रुपये दे भी दिए, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी गईं।
पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर BNS और IT Act की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार शुक्ला को सौंपी गई है।
सोशल मीडिया पर दिखीं AI से बनाई गई तस्वीरें
प्रयागराज के फाफामऊ की रहने वाली महिला के मुताबिक, वह 8 अगस्त को एक मुकदमे के सिलसिले में लखनऊ आई थीं। इसी दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो देखे। महिला का आरोप है कि ये तस्वीरें AI की मदद से तैयार की गई थीं।
तहरीर में महिला ने मोहम्मद नूर आलम, सलमान अहमद, मोहम्मद असलम और उनके कुछ साथियों पर आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि खुद को पत्रकार बताने वाले इन लोगों ने उनकी तस्वीरों को AI की मदद से आपत्तिजनक रूप में तैयार किया और फिर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।
10 लाख रुपये मांगे, 2.35 लाख देने का दावा
महिला ने आरोप लगाया कि तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। बदनामी के डर से उन्होंने कथित तौर पर नूर आलम और सलमान अहमद को 2.35 लाख रुपये नकद दिए।
महिला के मुताबिक, रकम देने के बावजूद आरोपियों की कथित ब्लैकमेलिंग बंद नहीं हुई। बाकी रकम नहीं देने पर उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी गईं। शिकायत में महिला ने जान से मारने की धमकी देने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है।
कई न्यूज प्लेटफॉर्म के नाम शिकायत में दर्ज
महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आपत्तिजनक सामग्री को लखनऊ न्यूज एक्सप्रेस, तंज़ीब टाइम्स, अवध रिपब्लिक न्यूज, डिटेक्टिव ऑफिशियल प्रयागराज, भारत जनजागरण एक्सप्रेस और राम न्यूज समेत कई सोशल मीडिया पेज और चैनलों पर प्रसारित किया गया।
हालांकि, इन प्लेटफॉर्म और उनसे जुड़े लोगों की वास्तविक भूमिका क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
पुराने मुकदमे से जुड़ा बताया जा रहा मामला
महिला ने पुलिस को बताया कि यह मामला एक पुराने मुकदमे से भी जुड़ा है। उनके मुताबिक, कौशाम्बी के कोखराज थाने में पहले दर्ज एक मामले में एक आरोपी जेल जा चुका है। महिला का आरोप है कि इसी मुकदमे में अदालत में चल रही गवाही को प्रभावित करने और केस वापस लेने का दबाव बनाने के लिए उन्हें कथित तौर पर ब्लैकमेल किया गया।
महिला ने पहले 1090 हेल्पलाइन पर शिकायत की थी। इसके बाद उन्होंने गाजीपुर थाने में लिखित तहरीर दी।
BNS और IT Act की धाराओं में केस दर्ज
गाजीपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर BNS की धारा 352, 351(2) और IT Act की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपों की जांच के साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री, कथित आरोपियों की भूमिका और पैसे के लेनदेन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो किस तरह तैयार किए गए, इन्हें किन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया और कथित ब्लैकमेलिंग व रंगदारी के मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं।


