गिरधारी लाल गोयल-
1978 का इंडियन एयरलाइन्स फ्लाइट 410 अपहरण कांड vs स्वतंत्र भारद्वाज। कांग्रेस वाले मानसिक बीमार गुंडे स्वतंत्र भारद्वाज का विरोध किस आधार पर कर रहे हैं..?
जरा Rahul Gandhi कांग्रेस के बुजुर्ग या कहीं जानें अपनी मम्मी जी से ही पूछ लें कि कांग्रेस ने किन विमान अपहरण कर्ताओं को MLA बनाया था।
इंदिरा जी को संसद के विशेषाधिकार हनन के मामले में गिरफ्तार किया गया था….
20 दिसंबर 1978… युवा कांग्रेस से जुड़े दो कार्यकर्ताओं भोलानाथ पांडेय और देवेंद्र पांडेय ने इंडियन एयरलाइन्स के बोइंग 737 विमान जो कि कोलकाता से लखनऊ होते हुए दिल्ली जा रहा था, का अपहरण कर लिया।
विमान में लगभग 126-132 यात्री और क्रू थे…. दोनों युवकों ने खिलौना पिस्तौल और काले कपड़े में लिपटी क्रिकेट की गेंद को बम बताकर प्रयोग किया.. उन्होंने विमान यात्रियों के सामने खुद को युवा कांग्रेस का सदस्य बताया और सुरक्षा अधिकारीयों से अपनी मांग रखी कि इंदिरा गांधी जी को जेल से रिहा किया जाए।
उनके बेटे संजय गांधी के खिलाफ सभी मामले वापस लिए जाएँ और जनता पार्टी सरकार के प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई इस्तीफा दें।
विमान को पहले नेपाल या बांग्लादेश ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन ईंधन की कमी के कारण वाराणसी में उतारा गया।
लगभग 13 घंटे के बाद दोनों ने आत्मसमर्पण कर दिया… यात्रियों को छोड़ दिया गया… किसी की जान नहीं गई..
कांग्रेस ने बाद में इस घटना से खुद को अलग रखने की कोशिश की, लेकिन दोनों युवक इंदिरा-संजय गांधी के कट्टर समर्थक और युवा कांग्रेस से जुड़े माने जाते थे।
दोनों को गिरफ्तार कर लखनऊ जेल में रखा गया उन्होंने करीब दस महीने की सजा काटी…
1980 में इंदिरा गांधी सत्ता में वापस आईं… इसके बाद उनके खिलाफ अपहरण के मामले वापस ले लिए गए… फिर कांग्रेस ने दोनों को इनाम के रूप में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के टिकट दिए।
भोलानाथ पांडेय बलिया जिले की दोआबा विधानसभा सीट से 1980 और 1989 में दो बार कांग्रेस विधायक बना… देवेंद्र पांडेय भी दो बार विधायक बना और बाद में उत्तर प्रदेश कांग्रेस का महासचिव भी रहा।
दोनों को लंबे समय तक गांधी परिवार और कांग्रेस में पहुँच बनी रही… भोलानाथ पांडेय का 2024 में निधन हो गया..
तो कोंगी भईये ओ! राजनीती में अपराधियों को पुरस्कृत करने की जड़ तो आप लोगों ने ही जमायी है।
उससे प्रेरणा पाकर स्वतंत्र भारद्वाज ने गुंडागर्दी का शॉर्टकट चुना तो कम से कम कॉंग्रेस के लिए तो कोइ भी गजब की बात नहीं है…


