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दिल्ली

अमित शाह के खिलाफ ट्वीट कर फंसे पूर्व केंद्रीय अधिकारी आशीष जोशी, पार्क में टहलते हुए पुलिस टांग ले गई!

Professional head-and-shoulders portrait of a middle-aged man with gray hair and glasses, wearing a dark suit and blue shirt with a tie, smiling slightly.

देश की राजधानी दिल्ली में आज यह हुआ।
भारत सरकार के एक रिटायर्ड additional secretary आशीष जोशी (तस्वीर में ऊपर) को उनके प्रधानमंत्री की आलोचना करते एक ट्वीट के कारण दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने सुबह मार्निंग वॉक करते समय बिना किसी परिजन को सूचित किए हुए उठा लिया।
उनके परिजनों और मित्रों को पता नहीं है कि उन्हें कहां रक्खा गया है और उन्हें कैसे निरुद्ध किया गया है?
आगे की सूचना की प्रतीक्षा है।
-शीतल पी सिंह, वरिष्ठ पत्रकार


डॉ राकेश पाठक-

पूर्व अफ़सर को उठा ले गई पुलिस

भारत सरकार के सेवानिवृत अधिकारी आशीष जोशी (पूर्व एडिशनल सेक्रेटरी) को आज सुबह दिल्ली पुलिस के जवान ले गए हैं। तब से उनका कोई अता पता नहीं है।

जोशी आज सुबह वॉक के लिए निकले थे तभी सादा वर्दी में दिल्ली पुलिस के दो जवान उन्हें अपने साथ ले गए।

जोशी सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ़ मुखरता से लिखने वालों में शुमार हैं।

कुछ दिन पहले उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय में चल रही उठा पटक को लेकर ट्वीट किया था जिसको लेकर सरकारी हलकों में हलचल मच गई थी।


सौमित्र राय-

केंद्र सरकार में पूर्व एडिशनल डायरेक्टर आशीष जोशी को आज सुबह नेहरू पार्क में सादे कपड़ों में आए दिल्ली पुलिस के 2 सिपाहियों ने उठा लिया।

पूछताछ के बहाने उन्हें अज्ञात लोकेशन पर ले जाया गया है। अभी तक उनका कोई पता नहीं चला है।

आशीष जोशी ने जंतर–मंतर में पुलिस की हिंसा पर ट्वीट करते हुए कहा था कि इस मामले में होम सेक्रेटरी और अमित शाह के बीच तगड़े मतभेद थे।

अमित शाह जहां स्टूडेंट्स पर गोली चलाने के पक्ष में थे, वही होम सेक्रेटरी इसके ख़िलाफ़ थे।

आशीष जोशी की इस पोस्ट को मोदी सत्ता ने हटवा दिया। इसी लीक के कारण आज अमित शाह की कुर्सी पर खतरा पैदा हो गया है।

इसीलिए, कहानी पूरी बताना आज सबसे ज़्यादा खतरनाक है। चाहे वे पत्रकार हों या फिर ब्यूरोक्रेट।

Social media post by Ashish Joshi about Civil Services Grapevine; shows large bold headline about a showdown between HM & HS over actions against students at Jantar-Mantar.

यह बहुत डरावना है
संदीप दीक्षित ने दावा किया है कि रिटायर्ड एडिशनल सेक्रेटरी आशीष जोशी को पुलिस ने उठा लिया है। उनके परिवार को इस बारे में कुछ भी नहीं बताया गया और पुलिस उन्हें कहां ले गई, क्यों ले गई, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
आशीष जोशी ने कुछ दिन पहले एक ट्वीट किया था जिसमें गृहमंत्रालय में अंदरूनी कलह की ओर इशारा किया गया था। उनका यह ट्वीट इंडिया में रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया था, जिसके बारे में पत्रकार सिद्धार्थ वरदराजन जी ने भी ट्वीट किया था। अब उन्हें पुलिस बिना कुछ बताए उठा ले गई।
यह कौन सा तंत्र है? यहां कौन सा संविधान लागू है? यह अघोषित आपातकाल नहीं है तो और क्या है?
-कृष्णकांत


संदीप दीक्षित की पोस्ट-

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के करीबी और रिटायर्ड अतिरिक्त सचिव आशीष जोशी को बुधवार सुबह दिल्ली के नेहरू पार्क से दो पुलिसकर्मी अपने साथ ले गए। संदीप दीक्षित ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि आशीष जोशी सुबह से लापता थे और उनके परिवार तथा परिचितों को यह जानकारी नहीं थी कि उन्हें कहां ले जाया गया है।

संदीप दीक्षित ने अपने पोस्ट में लिखा कि उनके मित्र आशीष जोशी, जो सिविल सोसाइटी तक पहुंच बनाने में उनकी मदद कर रहे थे, को सुबह नेहरू पार्क से दो पुलिसकर्मी अपने साथ ले गए। उन्हें इसकी जानकारी आशीष जोशी की पत्नी से मिली।

दीक्षित के मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे से आशीष जोशी का पता लगाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन काफी देर तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। उन्होंने दिल्ली पुलिस और पुलिस आयुक्त से जल्द यह बताने की मांग की थी कि आशीष जोशी को कहां ले जाया गया है।

बाद में संदीप दीक्षित और अन्य लोगों की ओर से जानकारी दी गई कि पूछताछ के बाद आशीष जोशी को रिहा कर दिया गया है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और रिपोर्ट्स में उनसे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा पूछताछ किए जाने का दावा किया गया।

हालांकि, घटना को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। सोशल मीडिया पर इस घटनाक्रम को आशीष जोशी के कुछ पुराने राजनीतिक पोस्ट से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

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