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बिहार

मोतिहारी में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पत्रकारों से दुर्व्यवहार का आरोप, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने मांगी जांच

Man wearing a cap and glasses holds up red ID lanyards outside a gated fence; security officers are in the background.

दुर्व्यवहार के विरोध में प्रेस कार्ड फाड़कर विरोध जताता एक पत्रकार

मोतिहारी। मुख्यमंत्री के मोतिहारी दौरे के दौरान समाचार संकलन के लिए पहुंचे पत्रकारों के साथ प्रवेश के समय कथित दुर्व्यवहार और अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन बिहार ने घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

एसोसिएशन के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अरविंद नाथ तिवारी और प्रदेश महासचिव आदित्य कुमार दुबे ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम में पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। पत्रकार अपनी सुविधा के लिए नहीं, बल्कि जनता तक कार्यक्रम और सरकार की गतिविधियों की सही एवं तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाने के लिए कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहते हैं।

प्रदेश अध्यक्ष अरविंद नाथ तिवारी ने कहा कि यदि किसी पत्रकार के पास वैध प्रेस एक्रीडेशन कार्ड और अधिकृत मीडिया पास है तो प्रवेश व्यवस्था के नाम पर उसे अनावश्यक रूप से परेशान किया जाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर पत्रकारों के सम्मान और उनके पेशेवर अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती।

उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर तैनात अधिकारियों से पत्रकारों के साथ संयमित, सम्मानजनक और सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रदेश महासचिव आदित्य कुमार दुबे ने कहा कि पत्रकारों ने घटना के विरोध में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के कवरेज का बहिष्कार किया, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के पास प्रेस एक्रीडेशन कार्ड और मीडिया पास होने के बावजूद आधार कार्ड की मांग कर उन्हें प्रवेश से रोका गया। यदि ऐसा जिला प्रशासन के किसी स्पष्ट निर्देश के बिना किया गया था तो इसकी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने प्रशासन से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पत्रकारों के प्रवेश के लिए कौन-कौन से दस्तावेज अनिवार्य किए गए थे और क्या इनकी जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों को पहले से दी गई थी। उन्होंने संबंधित पदाधिकारी के व्यवहार की भी जांच कराने की मांग की।

एसोसिएशन के दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन बिहार पत्रकारों के सम्मान, स्वतंत्रता और अधिकारों के प्रति प्रतिबद्ध है। संगठन प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय का पक्षधर है, लेकिन पत्रकारों के साथ किसी भी तरह के अपमानजनक, मनमाने या भेदभावपूर्ण व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, भविष्य में मुख्यमंत्री और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों में पत्रकारों के प्रवेश एवं पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पहले से स्पष्ट और पारदर्शी रखने की मांग की है, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

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