अरुण आदित्य-
वरिष्ठ पत्रकार और अप्रतिम कथाकार दिनेश श्रीनेत को रेख़्ता फाउंडेशन में ‘ग्रुप एडिटर – लैंग्वेजेज़’ का दायित्व संभालने के लिए बधाई। उम्मीद है कि धुन के धनी दिनेश जी के आने से भारतीय भाषाओं के विस्तृत आकाश में रेख्ता की गतिविधियों के प्रसार को गति मिलेगी।

Dinesh Shrinet के पास प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता का लगभग तीन दशक का अनुभव है। 1998 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय दिनेश जी ने अमर उजाला, दैनिक जागरण, वन इंडिया और टाइम्स इंटरनेट सहित अनेक प्रमुख मीडिया संस्थानों के न्यूज रूम में विविध दायित्वों का निर्वाह किया है। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के शुरुआती दौर से ही से जुड़े रहे हैं और कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के परिकल्पन और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। टाइम्स इंटरनेट में वर्ष 2017 में उन्होंने द इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी की शुरुआत की और 2022 में छह अन्य भाषाओं के संस्करण भी लॉन्च करवा दिए।
पत्रकारिता के साथ-साथ क्रिएटिव राइटिंग के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया है। उनका कहानी संग्रह ‘विज्ञापन वाली लड़की’ सुधी पाठकों के बीच चर्चित-प्रशंसित रहा है। इस संग्रह की कहानियों के बारे में ख्यात उर्दू लेखक खालिद जावेद ने लिखा है, “ये कहानियाँ बेजोड़ और अनमोल होने के साथ-साथ हिंदी कहानी की परंपरा में अकेली भी हैं। उतनी ही अकेली जितनी कोई अद्भुत रचना हो सकती है।” संग्रह की शीर्षक कहानी विज्ञापन वाली लड़की सबसे पहले साहित्यिक पत्रिका वागर्थ में छपी थी। उसके बाद वह उर्दू और अंग्रेजी में भी प्रकाशित होकर समादृत है। कथेतर गद्य की किताब ‘शेल्फ में फरिश्ते’ और सिनेमा गीतों पर आधारित कृति ‘नींद कम ख़्वाब ज़्यादा’ भी खासी चर्चित रही हैं। सिनेमा में खास रुचि रखने वाले दिनेश की एक अत्यंत महत्वपूर्ण किताब है ‘पश्चिम और सिनेमा’ जो कई विश्वविद्यालयों में सहायक अध्ययन सामग्री के तौर पर अनुमोदित है।
इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए दिनेश जी को बधाई दीजिए। बधाई बनती है, क्योंकि सही जगह पर सही व्यक्ति के होने से लोकतंत्र मजबूत होता है। बधाई इसलिए भी बनती है कि शिखर पर सृजनात्मक व्यक्ति के होने से नीचे तक सृजनात्मकता की सरिता प्रवाहित होती है।
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