तालकटोरा स्टेडियम में गूंजे कजरी और लोकगीत; ‘बदरिया 2026’ में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और सांसद मनोज तिवारी ने की शिरकत
नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित तालकटोरा इनडोर स्टेडियम में सोमवार, 31 अगस्त 2026 को ‘बदरिया: मानसून का विदाई महोत्सव 2026’ का भव्य सांस्कृतिक आयोजन संपन्न हुआ. ‘माता चकेरी देवी फाउंडेशन’ और दिल्ली सरकार की मैथिली-भोजपुरी अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में ‘भारत एक्सप्रेस’ न्यूज़ नेटवर्क ने आधिकारिक मीडिया पार्टनर की भूमिका निभाई. कार्यक्रम में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी एवं एडिटर-इन-चीफ और फाउंडेशन के ट्रस्टी उपेंद्र राय, केंद्रीय राज्य मंत्री व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद मनोज तिवारी सहित कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं.
‘बदरिया 2026’ मानसून की विदाई और पूर्वांचल की समृद्ध लोक परंपराओं (विशेषकर सावन और भादो के लोकगीतों) को समर्पित एक अनूठा सांस्कृतिक समागम बना. इस मंच से भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय ने भारतीय चेतना की अमरता पर प्रकाश डाला और कहा कि विदेशी आक्रांताओं द्वारा तक्षशिला जैसे पुस्तकालयों को जलाने के बावजूद हमारी मनीषी परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को नष्ट नहीं किया जा सका. 20 से अधिक दिग्गज कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच यह आयोजन दिल्ली के शहरी परिवेश में लोक विरासत को सहेजने का सशक्त माध्यम बनकर उभरा.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत एक्सप्रेस के सीएमडी और एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय ने कहा कि शहरी आपाधापी के बीच संस्कृति के लिए समय निकालना आसान नहीं होता, लेकिन दिल्ली में उत्तर प्रदेश और बिहार की माटी के लोग सावन को कैसे विदा करते हैं, यह उत्सव उसी का साक्षात प्रमाण है. भारत ने 3000 साल की गुलामी झेली, लेकिन हमारी चेतना को कोई समाप्त नहीं कर सका. तक्षशिला में जब पुस्तकालय जलाए गए तब भी हमारे मनीषियों ने चिंता नहीं की, क्योंकि ज्ञान हमारी चेतना में था और हमने उसे दोबारा पुनर्जीवित कर दिया. उन्होंने कहा कि कला और करुणा ही मानवता की असली पहचान हैं.
सीएमडी उपेंद्र राय ने फाउंडेशन की अध्यक्षा योगिता सिंह, संस्थापक बृजेश राय, पवन राणा और सभी सहयोगी सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को साकार करने के पीछे कठिन तपस्या और अटूट समर्पण होता है.
हर्ष मल्होत्रा और मनोज तिवारी का संबोधन
केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध संस्कृति है, जहां हर 50-60 किलोमीटर पर भाषा बदलती है लेकिन मूल आत्मा एक रहती है. उन्होंने कहा कि माता चकेरी देवी फाउंडेशन केवल सांस्कृतिक आयोजन ही नहीं कर रहा, बल्कि समाज के वंचित और शोषित वर्गों को स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप है.
सांसद मनोज तिवारी ने पारंपरिक देवी वंदना ‘पचरा’ गाकर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया और भोजपुरी व मैथिली लोक परंपराओं की महत्ता को रेखांकित किया. उन्होंने सीएमडी उपेंद्र राय को भोजपुरी माटी की शान बताते हुए आयोजकों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपनी सांस्कृतिक जड़ों और हर साल आयोजित होने वाले बदरिया महोत्सव से निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया.
बदरिया महोत्सव 2025
उल्लेखनीय है कि बदरिया महोत्सव की शुरुआत वर्ष 2025 में हुई थी. इसका पहला संस्करण 1 सितंबर 2025 को एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर/कनॉट प्लेस, नई दिल्ली में आयोजित किया गया था, जिसका उद्घाटन भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया था. वर्ष 2025 के सफल आयोजन के बाद वर्ष 2026 में यह दूसरा संस्करण तालकटोरा स्टेडियम में और भी भव्य स्तर पर संपन्न हुआ.
भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क
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बदरिया महोत्सव और माता चकेरी देवी फाउंडेशन
‘माता चकेरी देवी फाउंडेशन’ समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और भारतीय लोक परंपराओं के संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत एक प्रमुख संस्था है. दिल्ली सरकार की मैथिली-भोजपुरी अकादमी के सहयोग से आयोजित होने वाला ‘बदरिया’ एक वार्षिक मानसून विदाई महोत्सव है, जिसका उद्देश्य आधुनिक शहरी परिवेश में पूर्वांचल के पारंपरिक सावन-भादो गीतों, कजरी, ठुमरी और शास्त्रीय लोक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है.


