नई दिल्ली। “घर बैठे कमाई”, “अपना बिजनेस”, “Financial Freedom” और “हर महीने लाखों रुपये तक कमाने का मौका”—Direct Selling और Network Marketing की दुनिया में ऐसे दावे लोगों को तेजी से आकर्षित करते हैं। Asclepius Wellness Private Limited यानी AWPL भी अपने उत्पादों की बिक्री के साथ direct sellers को commission और दूसरे incentives देने वाला मॉडल चलाती है।
कंपनी खुद को Direct Selling Entity बताती है और अपने दस्तावेजों में कहती है कि वह pyramid scheme या money circulation scheme नहीं चलाती। लेकिन AWPL के ताजा प्रकाशित Business Plan को ध्यान से पढ़ने पर एक ऐसा multi-level sales structure सामने आता है जिसमें self-purchase, Sales Point, direct तथा indirect sales organizations और नीचे की कई परतों में sales volume के आधार पर commission का पूरा ढांचा तैयार किया गया है।
सवाल यह नहीं है कि AWPL के पास उत्पाद हैं या नहीं। सवाल यह है कि इस पूरे मॉडल में असली कमाई आखिर कहां से आती है—बाजार में अंतिम उपभोक्ता को उत्पाद बेचने से या network के भीतर लगातार sales volume और purchases पैदा करने से?
सबसे पहले 27 SP की कहानी समझिए
AWPL के पुराने और वर्तमान Business Plan में direct sellers को self-purchase के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है।
कंपनी के दस्तावेज के मुताबिक 1 से 26 Sales Point तक self-purchase करने वाले direct seller को retail discount मिलता है। लेकिन 27 से 51 SP, 52 से 99 SP और 100 SP या उससे ऊपर की self-purchase पर अलग-अलग commission categories के लिए eligibility शुरू होती है।
यानी यहां “business शुरू करने के लिए पैसा मत लगाइए” वाली सामान्य Network Marketing pitch को बहुत सावधानी से समझने की जरूरत है।
कंपनी registration को free बताती है। लेकिन commission eligibility का पूरा ढांचा Sales Point पर आधारित है और Sales Point उत्पादों की खरीद/बिक्री से बनता है।
इसका मतलब यह हुआ कि कोई व्यक्ति केवल नाम लिखाकर commission कमाने नहीं लगता। उसे उस commission structure की qualifying conditions पूरी करनी होती हैं।
100 SP यहां निर्णायक आंकड़ा क्यों है?
AWPL के Business Plan में Sales Growth Commission के लिए एक organization में 100 SP और दूसरी corresponding organization में 50 SP का equivalent sales requirement बताया गया है। इसके बाद minimum Sales Growth Commission ₹500 बताया गया है।
कंपनी के दस्तावेज के अनुसार Sales Growth Commission की गणना पूरे संगठन के sales points और corresponding organizations के equivalent SP के आधार पर होती है।
यानी एक नए व्यक्ति के लिए मामला सिर्फ “उत्पाद बेचिए और margin कमाइए” तक सीमित नहीं रहता। उसे उस network structure में qualifying sales volume बनाना पड़ता है।
यहीं से Network Marketing का असली गणित शुरू होता है।
‘Unlimited’ शब्द सबसे बड़ा सवाल खड़ा करता है
AWPL के प्रकाशित Business Plan में कहा गया है कि प्रत्येक Direct Seller unlimited Sales Achievement Organizations (SAO) या Sales Generation Organizations (SGO) बना सकता है।
उसी दस्तावेज में यह भी लिखा है कि प्रत्येक Direct Seller अपनी sales team में unlimited direct sellers जोड़ सकता है। इन लोगों को product sales बढ़ाने के लिए train और develop करने की बात कही गई है।
कंपनी इसे product sales network के रूप में पेश करती है।
लेकिन आम आदमी के लिए सवाल बहुत सीधा है—
अगर कमाई सिर्फ अपने द्वारा बेचे गए सामान पर है तो नीचे की अनगिनत sales organizations और unlimited direct sellers बनाने की जरूरत क्यों है?
और यदि नीचे के लोगों की product purchases/sales से ऊपर वाले की commission eligibility प्रभावित होती है तो इस network structure में आर्थिक लाभ किस तरह वितरित होता है?
यही वह बिंदु है जिसकी स्वतंत्र जांच जरूरी है।
20वीं लाइन तक Self Purchase!
AWPL के Business Plan का शायद सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वह है जिसमें Sales Growth Commission को नियमित रूप से बनाए रखने के लिए self-purchase का उल्लेख है।
दस्तावेज के अनुसार 1st से 5th rank direct sellers के लिए 5 SP, 6th से 8th rank के लिए 15 SP और 9th से 20th rank तक 45 SP self-purchase करने की शर्त बताई गई है।
यानी नेटवर्क जितना नीचे फैलता है, commission structure में self-purchase की भूमिका भी बनी रहती है।
यहां नए व्यक्ति को सबसे पहले यह समझना चाहिए कि “कमाई के लिए कंपनी में जुड़ना” और “उत्पाद खरीदना” दो अलग-अलग बातें नहीं रह जातीं—कम से कम Business Plan के इस हिस्से को पढ़ने पर दोनों के बीच सीधा संबंध दिखाई देता है।
अब देखिए लाखों की Maximum Eligibility का खेल
AWPL के ताजा Business Plan में 27 से 51 SP self-purchase वाले Executive Direct Seller के लिए Sales Growth Commission की initial weekly maximum eligibility ₹66,000 बताई गई है।
52 से 99 SP वाले Super Direct Seller के लिए यह सीमा ₹1.33 लाख और 100 SP या उससे ऊपर वाले Premium Direct Seller के लिए ₹2 लाख बताई गई है।
इसके बाद 3rd से 7th direct तक कुछ शर्तें पूरी होने पर प्रत्येक direct पर ₹25,000 और 8th से 10th direct तक ₹50,000 तक maximum eligible commission limit बढ़ने की व्यवस्था दिखाई देती है।
यहां एक बेहद जरूरी सावधानी है।
₹66,000, ₹1.33 लाख या ₹2 लाख को actual income नहीं समझना चाहिए।
ये Business Plan में दी गई maximum eligibility limits हैं। कोई व्यक्ति इतनी रकम कमाएगा ही, ऐसा कंपनी के दस्तावेज से साबित नहीं होता।
लेकिन नए लोगों को recruitment presentation में अगर इन आंकड़ों को “कमाई” के रूप में दिखाया जाता है तो वह गंभीर उपभोक्ता-सवाल जरूर बनता है।
कंपनी के अपने उदाहरण में Sales Growth Commission का गणित
AWPL के Business Plan में एक उदाहरण दिया गया है जिसमें एक सप्ताह का total sales-point turnover 17.50 लाख SP माना गया है। कंपनी उस उदाहरण से Sales Growth Commission Rate निकालती है और ₹9.96 प्रति SP की दर बताती है।
दूसरे उदाहरण में calculation ₹10 की maximum SP value तक पहुंचती है।
इसका मतलब है कि commission का पूरा गणित कंपनी के कुल network sales और equivalent sales points के साथ जुड़ा हुआ है।
यही कारण है कि किसी prospective direct seller के लिए सिर्फ “एक product बेचकर कितना margin मिलेगा?” पूछना पर्याप्त नहीं है।
उसे यह भी पूछना चाहिए:
कुल Sales Point कैसे बनता है?
मेरी अपनी खरीद कितनी होनी चाहिए?
मेरी नीचे की team की sales से मेरी income कैसे प्रभावित होगी?
मेरे rank को बनाए रखने के लिए मुझे कितनी खरीद करनी होगी?
और अगर मैं खुद product नहीं खरीदता तो क्या मेरी commission eligibility खत्म या कम हो जाती है?
असली खतरा यहां है: Product या Network?
Direct Selling का मूल विचार सामान्यतः यह है कि कंपनी का product वास्तविक ग्राहक तक पहुंचे और salesperson उस sale पर कमाई करे।
लेकिन जब compensation plan में network की depth, direct sellers की संख्या, indirect sales organizations और self-purchase लगातार महत्वपूर्ण होते जाएं तो संभावित direct seller को बहुत सावधानी से यह जांचना चाहिए कि वह वास्तव में “product seller” बन रहा है या “network builder”।
भारत सरकार के Consumer Protection (Direct Selling) Rules, 2021 में direct-selling entities को pyramid scheme और money circulation scheme से अलग रखा गया है। Rules में pyramid scheme और money circulation scheme को direct selling के नाम पर चलाने पर रोक है।
इसलिए केवल किसी कंपनी का अपने आपको “Direct Selling Company” कहना पर्याप्त नहीं है। किसी भी मॉडल की वास्तविक गतिविधियों और compensation structure को लागू नियमों की कसौटी पर देखा जाना चाहिए।
क्या AWPL को Pyramid Scheme कहना अभी उचित है?
नहीं। कम से कम उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर AWPL को कानूनी रूप से “Pyramid Scheme” घोषित करना उचित नहीं होगा।
कंपनी के पास registered corporate identity, products, direct seller agreement, grievance mechanism और प्रकाशित compliance documents मौजूद हैं। कंपनी अपनी वेबसाइट पर खुद भी Direct Selling Rules के compliance का दावा करती है।
लेकिन यही बात इस investigative story का सवाल और मजबूत करती है।
यदि कंपनी का दावा है कि commission केवल genuine product sales पर आधारित है, तो वह यह सार्वजनिक करे कि उसके कुल annual turnover में कितने प्रतिशत products उन consumers ने खरीदे जो direct-selling network का हिस्सा नहीं हैं।
यही आंकड़ा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
एक और गंभीर सवाल: Direct Seller वास्तव में कितना कमाता है?
कंपनी के Business Plan में बड़े commission slabs और incentives दिखाई देते हैं।
लेकिन prospective direct seller को केवल maximum earning figures नहीं, बल्कि income distribution भी दिखाई जानी चाहिए।
उदाहरण के लिए कंपनी सार्वजनिक करे:
कुल कितने direct sellers registered हैं?
इनमें कितने active हैं?
कितने लोग एक साल में commission पाने की qualifying condition पूरी कर पाए?
कितने direct sellers ने कुल कितनी commission कमाई?
मध्य स्तर के कितने direct sellers वास्तव में profit में हैं?
कितने direct sellers ने company products खरीदने में पैसा खर्च किया लेकिन commission नहीं कमा पाए?
कुल product sales में external retail customers का हिस्सा कितना है?
यदि ये आंकड़े सार्वजनिक हो जाएं तो किसी भी व्यक्ति को “इस कंपनी से जुड़कर कितना कमाया जा सकता है” का वास्तविक जवाब मिल सकता है।
पुराने Consumer Case को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
AWPL के खिलाफ Rohtak District Consumer Forum में Vicky Kirad नाम से Consumer Complaint Case No. CC/19/663 दर्ज हुआ था। 21 जनवरी 2020 को मामला दर्ज रिकॉर्ड में दिखाई देता है। बाद में इसी मामले की execution proceeding में 16 दिसंबर 2022 को complainant के उपस्थित न होने के कारण मामला default में dismiss कर दिया गया।
इस मामले को कंपनी के खिलाफ fraud का प्रमाण बताना गलत होगा, क्योंकि उपलब्ध आदेश के अनुसार अंतिम dismissal complainant की अनुपस्थिति के कारण हुआ।
लेकिन यह तथ्य जरूर दर्ज किया जाना चाहिए कि कंपनी consumer litigation में पक्षकार रही है।
Internet पर शिकायतें भी मौजूद
कुछ consumer complaint websites पर AWPL के खिलाफ MLM/pyramid activity और products की कीमत/quality को लेकर शिकायतें प्रकाशित हैं। उदाहरण के लिए ConsumerComplaints.in पर 2020 और 2023 की शिकायतें दिखाई देती हैं।
नया आदमी क्या करे?
AWPL ही नहीं, किसी भी MLM/direct-selling कंपनी में जाने से पहले पांच सवाल लिखित में पूछिए:
पहला—क्या मुझे पैसा कमाने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति को जोड़ना जरूरी है?
दूसरा—क्या commission/rank बनाए रखने के लिए मुझे हर महीने खुद product खरीदना पड़ेगा?
तीसरा—क्या product की वास्तविक retail demand network से बाहर मौजूद है?
चौथा—अगर मैं किसी को recruit नहीं करता तो क्या मैं फिर भी केवल retail sales से लाभ कमा सकता हूं?
पांचवां—कंपनी मुझे average direct seller की वास्तविक annual income क्यों नहीं बताती?
और एक छठा सवाल भी बेहद जरूरी है—
अगर आज मैं network छोड़ दूं तो मेरे पास बचा हुआ product क्या मैं कंपनी को वापस कर सकता हूं और किन शर्तों पर?
AWPL कंपनी का अपना Business Plan यह जरूर दिखाता है कि यहां सामान्य दुकानदारी वाला सीधा product-sale model नहीं है। इसमें Sales Points, self-purchase, direct और indirect organizations, unlimited direct sellers तथा network-generated sales के आधार पर commission का जटिल ढांचा है।
इसलिए किसी व्यक्ति को सिर्फ किसी distributor के भाषण, luxury car, विदेशी यात्रा, महंगे होटल में होने वाली training या “महीने के लाखों रुपये” वाली success story देखकर AWPL से जुड़ने का फैसला नहीं करना चाहिए।
पहले Business Plan पढ़िए। फिर अपनी जेब का हिसाब लगाइए। उसके बाद ही फैसला कीजिए।
और सबसे महत्वपूर्ण—
“Maximum Eligible Commission” को अपनी संभावित कमाई मत समझिए।
किसी भी Network Marketing Business में असली सवाल यह नहीं है कि ऊपर बैठे कुछ लोग कितना कमा रहे हैं। असली सवाल यह है कि औसत आदमी कितना लगाता है, कितना सामान खरीदता है, कितना बेच पाता है और अंत में उसके हाथ में कितना शुद्ध पैसा बचता है।
AWPL अगर इस सवाल का आंकड़ों सहित जवाब सार्वजनिक कर दे तो उसके Business Model को लेकर उठ रहे सवालों का सबसे मजबूत जवाब भी कंपनी के पास ही होगा।


