अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का महज 13 सेकंड का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें वह पत्रकारों से इस तरह से बात कर रहे हैं जैसे उन्होंने कभी अपनी फौज की टीम से बी न की हो। वह सीधे-सीधे पत्रकारों को अर्दब में लेने का प्रयास करते दिख रहे हैं। एक तरीके से हड़का रहे हैं, धमका रहे हैं।
“देखिए मैं आप सबको पहचान रहा हूँ।
दुबारा आने नहीं दूँगा।”
राम मंदिर के नए नवेले CEO जितेंद्र मिश्रा।
मिश्रा जी का First day, First show!!
मीडिया को अर्दब में लेकर राम मंदिर संभालेंगे मिश्रा जी?
जहाँ बात करने की ज़रूरत है, वहां तेवर दिखा रहे हैं मिश्रा जी?
विनम्रता के मंदिर में अहंकार का राफेल उड़ा रहे मिश्रा जी?
-अभिषेक उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार
समीर शाही-
बाबूजी वाली मीडिया’ को एयर मार्शल की पहली ही दहाड़ में याद आए छठी के दूध!
रामनगरी अयोध्या में टीआरपी-छाप और ‘सुपर सूत्र’ बेचने वाली मीडिया को लगा था कि रोज़ की तरह माइक मुँह में ठूँसकर बाइट ऐंठ लेंगे। एयरपोर्ट पर बाइट ली, वैदेही भवन में नए महासचिव गोविंद देव गिरी जी के पास भी माइक चमकाया, फिर कारसेवक पुरम में चंपत राय जी के यहाँ भी वही पैंतरा आज़माया… लेकिन जैसे ही राम मंदिर पहुँचकर नए सीईओ साहब को माइक लगाने की जुर्रत की, साहिब का फ़ौजी स्वाभिमान जाग उठा!
भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा जी ने ऐसी कड़क फटकार लगाई कि ‘बाबूजी वाली मीडिया’ के होश फ़ाख्ता हो गए! साहिब ने साफ़ कह दिया “सबको पहचान लिया है, दोबारा यहाँ आस-पास भटकने भी नहीं दूंगा!”
मीडिया वाले समझ रहे थे कि पुराना ढर्रा चलेगा। लेकिन ये ‘बाबू जी’ नहीं, बल्कि कड़क अनुशासन वाले ‘डैडी जी’ हैं! देवरिया के गाँव से 17 साल की उम्र में निकलकर 60 की उम्र तक देश की सरहद और आसमान की हिफ़ाज़त करने वाले इस जांबाज़ अफ़सर ने पहली ही बैठक में जता दिया कि फ़ौजी कल्चर में काम कैसे होता है। पहली बैठक में साहब ने साफ़ कर दिया कि पहले 2 से 5 दिन बैठकर ट्रस्ट के कामकाज और सबकी कार्यशैली को समझेंगे, फिर औपचारिक टेकओवर करेंगे। यानी अब हवा-हवाई फ़ैसले नहीं, बल्कि पक्की फ़ौजी स्ट्रैटेजी चलेगी!
वायुसेना में बेमिसाल सेवा देने के बाद अब एयर मार्शल साहब ने साफ़ कहा कि प्रभु श्रीराम ने उन्हें राम भक्तों और मंदिर की सेवा का दोबारा पवित्र मौका दिया है। और यहाँ किसी ‘फ़र्ज़ी मीडियाबाज़ी’ और ‘चमचागिरी’ की कोई गुंजाइश नहीं रहने वाली। अजी साहब! जो मीडिया रोज़ अपने ‘सुपर-स्मार्ट सूत्रों’ से मनगढ़ंत फ़र्ज़ी ख़बरें परोसकर माहौल बनाती थी, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा जी की पहली ही फटकार ने उनकी सारी रंगबाज़ी की हवा निकाल दी है! अब देखना यह होगा कि बिना इजाज़त और बिना सिर-पैर की बाइट्स लेने वाली यह ‘बाबूजी वाली मीडिया’ अपनी मर्यादा में रहना सीखती है, या फिर कड़क सीईओ साहब की अगली ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का शिकार बनती है! साहब! राम मंदिर की व्यवस्था चलाने के लिए कैमरा चमकाने वाले नहीं, बल्कि फ़ौजी अनुशासन वाले कड़क हाथ ही चाहिए थे, और वो अब आ चुके हैं!


