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मध्य प्रदेश

आदिवासी बच्चों की मौत की रिपोर्टिंग करने वाले इन चार पत्रकारों ने खुद की निगरानी कराए जाने का आरोप लगाया!

Four reporters each holding a microphone and speaking to camera in different settings: left man in plaid shirt, next a woman outdoors with a scarf, then a woman indoors gesturing, and right a man with a blue scarf and mask around his neck.

हिमांशु कुमार-

बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर रिपोर्टिंग करने वाले स्वतंत्र पत्रकारों के इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड किये गए

स्वतंत्र पत्रकार लोकभद्र सिंह, मोनिका सिंह, बिंदु गुर्जर और सौरभ भाटी ने आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश के बालाघाट ज़िले में आदिवासी बच्चों की मौतों पर रिपोर्टिंग करने के बाद उनपर निगरानी और दबाव बनाने की कोशिश की गई. वहाँ से लौटने के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट बार-बार सस्पेंड किये गए. बिंदु और मोनिका के अकाउंट बाद में वापस आ गए, लेकिन उनकी रीच प्रभावित हुई. लोकभद्र का अकाउंट अब भी सस्पेंड है. प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने इन पत्रकारों के अकाउंट सस्पेंड होने पर इसकी निंदा की है. पत्रकारों को डराने या चुप कराने की कोशिश बताकर इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है.

बिंदु गुर्जर बताती हैं कि सबसे पहले उन्हीं का अकाउंट निशाने पर आया. 5 सितंबर को बालाघाट अस्पताल वाली रिपोर्ट पर कॉपीराइट स्ट्राइक आया था, जबकि यह पूरी तरह उनकी ओरिजिनल रिपोर्टिंग थी.

6 सितंबर को उनके फ़ोन पर तीन अलग-अलग जगहों से उनकी आईडी में लॉगिन करने की कोशिश के अलर्ट आए. इससे पहले कि वे कुछ समझ पातीं, दोपहर करीब ढाई बजे उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया. उन्होंने पहले आधार कार्ड डालकर पहचान वेरिफ़ाई करने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रही. 24 घंटे बाद उसमें पैन कार्ड का विकल्प आया, जिसके इस्तेमाल से उनका अकाउंट अगले दिन सुबह करीब 10 बजे बहाल हुआ. बिंदु के मुताबिक़, उनके अकाउंट की रीच अब तक प्रभावित है.

बिंदु का अकाउंट सस्पेंड होने के कुछ ही घंटे बाद, 6 सितंबर की शाम मोनिका सिंह का अकाउंट सस्पेंड हुआ. एक ही दिन में यह दो बार हुआ. हर बार अपील के बाद अकाउंट बहाल हुआ.

इन सबमें सबसे ज़्यादा फॉलोअर वाला लोकभद्र सिंह का अकाउंट था. और ये सबसे ज़्यादा बार सस्पेंड हुआ. पहली बार 6 सितंबर शाम 5:47 बजे अकाउंट सस्पेंड हुआ, जो रात 10:30 बजे अपील करने पर करीब 30 मिनट में बहाल हो गया. इसके बाद लोकभद्र सिंह का अकाउंट 7 सितंबर, 8 सितंबर, और फिर 9 सितंबर रात करीब 11 बजे चौथी बार सस्पेंड किया गया. उन्होंने बताया कि इस बार उन्होंने अपील नहीं की है, क्योंकि कुछ साइबर विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यह हैकरों की कोशिश भी हो सकती है, जो अपील करते ही दोबारा हमला कर सकते हैं, इसलिए उन्हें कुछ दिन रुककर देखने की सलाह दी है.

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