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दिल्ली

दिल्ली में अरेस्ट हुए न्यूज़लॉन्ड्री के पत्रकार रिहा, कई तो इंटरनेट बंद होने की जानकारी देने पर उठा लिए गये!

दिल्ली में प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पुलिस की ओर से हिरासत में लिए गए न्यूज़लॉन्ड्री के पत्रकारों को रिहा कर दिया गया है। न्यूज़लॉन्ड्री की पत्रकार मनीषा पांडे ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि उनकी टीम अब भी रिपोर्टिंग जारी रखेगी। हालांकि, उनके मुताबिक, कई अन्य पत्रकार और यूट्यूबर अब भी हिरासत में हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस से सभी को रिहा करने और अपना काम करने देने की मांग की है।

मनीषा पांडे ने अपने पोस्ट में लिखा कि न्यूज़लॉन्ड्री के सभी रिपोर्टर रिहा हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों और यूट्यूबरों को बड़ी संख्या में हिरासत में लेना जांच-पड़ताल और सवाल पूछे जाने के प्रति डर को दिखाता है। उन्होंने दिल्ली पुलिस से हिरासत में लिए गए अन्य पत्रकारों और यूट्यूबरों को भी छोड़ने की अपील की।

वाई-फाई बंद किए जाने की जानकारी देने पर पत्रकार हिरासत में

मनीषा पांडे ने अपने पोस्ट में न्यूज़लॉन्ड्री के पत्रकार अश्विन सिंह और सव्यसाची आस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि दोनों को दिल्ली पुलिस ने उस पोस्ट के बाद हिरासत में लिया, जिसमें बताया गया था कि कनॉट प्लेस (सीपी) में इंटरनेट सेवाएं बाधित होने के बीच प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए होटलों में ठहरे कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के वाई-फाई कनेक्शन बंद किए जा रहे हैं।

न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 अक्टूबर को प्रदर्शन की कवरेज के दौरान उसके पत्रकार अश्विन, आस्था और अनमोल के साथ इंटर्न अंशु को भी हिरासत में लिया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पुलिस ने अनमोल और अंशु के फोन जब्त कर लिए, जबकि अश्विन का फोन छीन लिया गया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि मीडिया से जुड़े होने की जानकारी देने के बावजूद उन्हें रोका गया।

प्रदर्शन की कवरेज पर उठे सवाल

दिल्ली में 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को हिरासत में लिया। प्रदर्शन का आयोजन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उठ रहे सवालों के बीच किया गया था।

न्यूज़लॉन्ड्री सहित कई मीडिया संस्थानों ने पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने और रिपोर्टिंग के दौरान प्रतिबंध लगाए जाने पर सवाल उठाए हैं। मनीषा पांडे के ताजा बयान के मुताबिक, न्यूज़लॉन्ड्री के पत्रकारों की रिहाई के बावजूद दूसरे पत्रकारों और यूट्यूबरों की हिरासत का मामला बना हुआ है।

फिलहाल, हिरासत में मौजूद सभी पत्रकारों और यूट्यूबरों की संख्या तथा उनकी रिहाई को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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