गिरीश मालवीय-
बारात से ज्यादा तो बैंड वाले बुला लिए है. दिल्ली में 15 हजार पुलिसकर्मी तो दिल्ली पुलिस के ही लगे है. इसके अलावा और 23 हजार जवान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लगे है. दिल्ली में 8 से 12 अक्टूबर तक के लिए CAPFs की कुल 221 कंपनियां तैनात की गई है. CRPF की 85 कंपनियां, SSB की 10 कंपनियां, RAF की सात कंपनियां, ITBP की सात कंपनियां और CISF की एक कंपनी अलग से बुलाई गई है.
जो पहले से दिल्ली पुलिस के साथ है वो है सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 41 कंपनियां, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की 18, सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 16, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 13, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 12 कंपनियां….
जिन कंपनियों को दूसरी जगहों से बुलाया जा रहा है, उनमें अमरनाथ यात्रा के लिए तैनात CRPF की 85 कंपनियां, जम्मू क्षेत्र में तैनात 137 कंपनियों में से 20, पिछले साल अक्टूबर से पश्चिम बंगाल में तैनात 65 कंपनियों में से 40 और नक्सल विरोधी अभियानों के लिए छत्तीसगढ़ में तैनात 157 कंपनियों में से 22 कंपनियां शामिल हैं.
बहाना किसी अप्रिय घटना न घटे बनाया जा रहा है लेकिन हम सब जानते है कि आंदोलन को कुचलने की पूरी तैयारी कर ली गई है.
One of the largest force deployments for a protest.
Ahead of Jantar Mantar 2.0, MHA sanctions additional forces, taking CAPF deployment to nearly 23,000 personnel.
CRPF companies pulled from J&K, anti-Naxal operations in Chhattisgarh and West Bengal for Delhi law-and-order duty.
-Ananya Bhardwaj
It seems the greatest threat to national security for this government, are students and citizens protesting….
-Rohini Singh
सौमित्र रॉय-
राहुल गांधी ने ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, उद्धव ठाकरे और इंडिया ब्लॉक के बाकी नेताओं को दिल्ली बुलाया है।
जो कांग्रेस सांसद प्रोटेस्ट में दिल्ली नहीं आ सके, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने का काम केसी वेणुगोपाल करेंगे।
यह भी तय हुआ है कि देशभर के संसदीय क्षेत्रों से लोगों को प्रोटेस्ट के लिए दिल्ली बुलाने का काम इंडिया ब्लॉक के सांसद खुद करेंगे।
साफ़ है कि विपक्ष अब दिल्ली को घेरना चाहता है।
जंतर–मंतर जाने से रोकने के ख़िलाफ़ दिल्ली हाईकोर्ट एक याचिका की सुनवाई भी करेगा।
उधर, अमित शाह का देशभर की पुलिस, RPF और GRP के जरिए ट्रेनों में आ रहे युवाओं को रोकने का प्लान है।
खासतौर पर, AISA, SFI, NSUI के स्टूडेंट्स को रोका जा रहा है। लेकिन, बजरंग दल, VHP और RSS गैंग के गुंडों पर कोई रोकटोक नहीं है।
10 अक्टूबर को अमित शाह की पूरी पलटन हिंसा भड़काने की कोशिश करेगी, ताकि प्रोटेस्ट को बदनाम किया जा सके।
यह मोदी सत्ता की आखिरी रणनीति होने जा रही है।
BREAKING: Govt is reportedly in full panic mode ahead of the Oct 10 protest.
Sources say the message from the very top is blunt. Do whatever it takes, but the protest must not be allowed to take off.
Some inside the system are apparently warning against exactly that. Try to crush it, and you may only turn a protest into a much bigger fire.
Security preparations are said to be massive, with deployment being planned on a scale rarely seen for a political protest.
There is even talk of internet restrictions across parts of Delhi if things escalate.
If these inputs hold, the picture is clear. To protect one chair, the entire machinery is being put on alert.
-Mr A Sharma
यशवंत सिंह-
मोदी शाह भारी दबाव में हैं। इतना दबाव तनाव पहली बार है। दस अक्टूबर का प्रोटेस्ट न हो पाए, इसके लिए कुछ भी करेगा। ऐसा निर्देश दिल्ली पुलिस और एजेंसीज को दे दिया गया है। अपने गुंडों को भी लाठियाँ लेकर दिल्ली कूच के लिए कह दिया गया है। जो जो ख़बरें हैं, वह डराने वाली हैं। कहीं दस अक्टूबर आर पार का दिन न हो जाए। “ज्ञानेश वोट चोर गद्दी छोड़” वाला आंदोलन बहुत बड़ा हो गया है। मोदी शाह की एक चोर को पद पर बनाये रखने की ज़िद से सारे विपक्षी नेता एक होने लगे हैं। युवा पहले से ही सरकार की शिक्षा और नौकरी को मैनेज करने की नाकामियों से नाराज है।
सबसे ग़ज़ब कि संघी टोले के पत्रकार, विश्लेषक, गोदी मीडिया अब भी मोदी सरकार के बचाव में पहले की तरह सक्रिय हैं लेकिन लोगों को इन पर भरोसा नहीं रहा क्योंकि वे बार बार वही कॉन्सिपिरेसी थ्योरी लेकर आते हैं जिसे दशक भर से दुहरा रहे हैं। अब्दुल पाकिस्तान बांग्लादेश सनातन इस्लाम ईसाई सोनिया इटली विदेशी आईएसआई ब्ला ब्ला!
जो संकेत मिल रहे हैं, उससे लगता है मोदी जी को अब इंदिरा बनना पड़ेगा और देश में आपातकाल लगाना पड़ेगा। आख़िर ये सत्ता इतनी आसानी से कैसे छोड़ देंगे। और, कांग्रेसी बुराइयों की बराबरी भी तो करनी है। आपातकाल लागू करने वाला प्रयोग अभी रह गया है। इसे भी कर ही डालिये मोदीजी।
वैसे आपने बिना घोषित किए ही आपातकाल से ज़्यादा भय आतंक पैदा करा रखा है। सवाल उठाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स उड़ाये जा रहे हैं, सवाल पूछने वाले क्रिएटर्स तिहाड़ भेजे जा रहे हैं। कुल मिलाकर सामने ग़ज़ब का एक्शन सीन है।
देखना है वोट चोर को गद्दी छोड़ने पर मजबूर कर पाते हैं नौजवान और विपक्षी नेता या ये मोदी शाह की जोड़ी यूँ ही लोकतंत्र की खुलेआम हत्या कर देश की छाती पर मूँग दलती रहेगी।
गृह युद्ध में देश को धकेलने की पूरी तैयारी कर दी है रंगा बिल्ला ने। इतना धधकता हुआ देश कभी न था। ऐसे माहौल में कोई भी विदेशी ताक़त माचिस मार कर आग लगाने में सक्षम है। क्या से क्या हो गए देखते देखते! #VoteChor #GyaneshKumar #ModiShah

