पूर्व इंडिया टीवी रिपोर्टर इला काज़मी ने 5 अक्टूबर 2026 को एक्स पर दो पोस्ट में आरोप लगाया कि चैनल छोड़ना उनकी मर्जी नहीं थी। उन्होंने लिखा कि फील्ड रिपोर्टर की चिंताओं को लेकर वे मैनेजिंग एडिटर पीयूष पद्माकर के पास गाइडेंस की उम्मीद में गई थीं। उनके मुताबिक, उन्होंने पहले भी बताया था कि मुस्लिम महिला होने के नाते शादी के बाद करियर बनाना उनके लिए कितना मुश्किल रहा।

काज़मी का दावा है कि उस दिन पद्माकर ने सहकर्मियों के सामने चिल्लाकर कहा, “मैं बिज़ी हूँ, बाद में आना,” और फोन दूर रखने को कहा— जैसे वे रिकॉर्ड कर रही हों। उन्होंने लिखा, “मैं मदद के लिए आई थी, झगड़े के लिए नहीं। सबके सामने बेइज्जत और अनसुना महसूस करते हुए चली गई।” पोस्ट में #indiatv, #news और #rajatsharma हैशटैग हैं। रजत शर्मा इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ हैं।
इसी पोस्ट को कोट करते हुए काज़मी ने दूसरा आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि मैनेजर सुरेंद्र गुंबर के खिलाफ ईमेल से चिंताएँ उठाने के बाद जो हुआ, वह रिटैलिएशन जैसा लगा। करीब दो महीने तक स्टोरी पिच करने और अपडेट लेते रहने के बावजूद उन्हें कैमरा यूनिट नहीं दी गई। वे पेशेवर रूप से साइडलाइन महसूस करने लगीं और आखिरकार इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने इंडिया टीवी से ईमेल की समीक्षा और गुंबर द्वारा शिकायत के निपटारे की जाँच की माँग की है। उनका कहना है कि कोई रिपोर्टर ईमानदार शिकायत करने के डर से काम न छोड़े।
इला काज़मी की प्रोफाइल के अनुसार वे पहले मिरर नाउ और एबीपी न्यूज़ में रही हैं। जामिया मिलिया इस्लामिया और लखनऊ यूनिवर्सिटी से पढ़ाई का जिक्र भी बायो में है। इंडिया टीवी के आधिकारिक अकाउंट ने मई 2026 तक की कई खबरों में रिपोर्ट का क्रेडिट @ila_kazmi को दिया है।
पीयूष पद्माकर 2008 से इंडिया टीवी में हैं और 2017 में मैनेजिंग एडिटर-न्यूज़ बनाए गए थे। चैनल की वेबसाइट उन्हें मैनेजिंग एडिटर बताती है। सुरेंद्र गुंबर इंडिया टीवी की लेखक-प्रोफाइल पर असाइनमेंट एडिटर हैं। 2017 में उन्हें एडिटर-असाइनमेंट बनाया गया था।

