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पत्रकार जगेंद्र के पिता ने कहा- मंत्री और पुलिस ने मेरे बेटे को मार डाला, अब जांच क्राइम ब्रांच के हवाले

खुटार (शाहजहांपुर)। पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के बाद उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उनके बुजुर्ग पिता सुमेर सिंह ने मंत्री राममूर्ति वर्मा और षडयंत्रकारी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल न भेजने पर सपरिवार डीएम कार्यालय पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि मंत्री और पुलिस ने मिलकर उनके बेटे को मार डाला है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग भी की है। 

खुटार (शाहजहांपुर)। पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के बाद उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उनके बुजुर्ग पिता सुमेर सिंह ने मंत्री राममूर्ति वर्मा और षडयंत्रकारी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल न भेजने पर सपरिवार डीएम कार्यालय पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि मंत्री और पुलिस ने मिलकर उनके बेटे को मार डाला है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग भी की है। 

सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर सुमेर सिंह, जगेंद्र की पत्नी सुमन, पुत्र राहुल, राजन, पुत्री रचना आदि की घटना के बाद से हालत खराब है। पूरा परिवार बदहवाशी की हालत में है। वृद्ध सुमेर सिंह का कहना है कि उनके पुत्र की पुलिस और नेताओं ने मिलकर हत्या कर दी। जगेंद्र जलाए जाने की घटना से कई दिन पहले से ही अपनी हत्या की आशंका जता रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनकी सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया। उल्टा अमित प्रताप भदौरिया की ओर से दर्ज फर्जी मुकदमे में उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जाने लगे। जगेंद्र की आशंका सही निकली। पुलिस ने उनके बेटे को जलाकर मार डाला। सुमेर सिंह ने राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, कोतवाल श्रीप्रकाश राय, उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों और अमित प्रताप भदौरिया सहित कई लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेजने की मांग की है। 

उधर, जगेंद्र के खिलाफ दर्ज अपहरण और हत्या के प्रयास की रिपोर्ट के मामले में कोतवाली पुलिस की अब तक की विवेचना में यह स्पष्ट ही नहीं हो पाया है कि वह दोषी थे या निर्दोष। जगेंद्र के झुलसने के बाद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कोतवाल को लाइन हाजिर किया गया। मामले की जांच कर रहे एएसपी सिटी ने भी अभी तक घटना के संबंध में कोई सबूत इकट्ठा नहीं किया है। जांच की बात को यह कहकर टाला जा रहा था कि चूंकि मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है, इसलिए पुलिस की जांच का कोई मतलब नहीं है, जबकि डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश सोमवार को जगेंद्र की मौत के बाद किए हैं।

जगेंद्र के खिलाफ कोतवाली में अनिल भदौरिया की तहरीर पर 12 मई को जानलेवा हमला और अपहरण की कोशिश की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की जांच कोतवाल श्रीप्रकाश राय कर रहे थे। कोतवाल ने बिना सच्चाई जाने जगेंद्र को गिरफ्तार करने की कवायद शुरू कर दी। उन्होंने यह जानना भी जरूरी नहीं समझा कि दर्ज कराई गई रिपोर्ट की हकीकत क्या है। कोतवाल के लाइन हाजिर होने के बाद मामले की जांच नए कोतवाल केके तिवारी को सौंपी गई। तिवारी के मुताबिक अब जांच बरेली क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। 

जागेंद्र सिंह की मौत के बाद कोतवाली के निवर्तमान प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश राय और उनके हमराह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जागेंद्र ने मजिस्ट्रेटी बयान में कहा था कि इंस्पेक्टर राय ने ही पेट्रोल छिड़ककर उन्हें ¨जदा जलाने का प्रयास किया। जाहिर है मौत के बाद यह बयान अहम होगा। वहीं लखनऊ में इलाज के दौरान जागेंद्र ने कहा कि राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा के इशारे पर इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश राय ने उन्हें जिंदा जलाने का प्रयास किया है। जागेंद्र ने सोशल वेबसाइट पर राज्यमंत्री के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। इतना ही नहीं कोर्ट में राज्यमंत्री पर दुष्कर्म के आरोप के तहत केस दर्ज कराने वाली महिला भी जागेंद्र की करीबी है। घटना वाले दिन महिला ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। वहीं राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। 

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1 Comment

1 Comment

  1. mini

    June 9, 2015 at 5:07 am

    अब आप समझ गए होंगे कि किस तरह से up मै जंगल राज चल रहा है. कैसे नेता और पुलिस मिलकर करप्शन की तरफ आवाज उठाने वाले को खामोश कर दिया जा रहा है. ये तो सुरुवात है सायद आने वाले दिन और भी भयानक होंगे

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