Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

वेब-सिनेमा

दुर्गा सप्तशती मंत्र में आपत्तिजनक शब्द जोड़कर हिंदुओं को चिढ़ा रहा है ‘जनसत्ता’!

Dipesh Thakur
[email protected]

जनसत्ता वेब के नवरात्र की कॉपी में लिखा जा रहा है अशुद्ध मंत्र… जनसत्ता वेबसाइट के धर्म सेक्शन में नवरात्र से सबंधित एक खबर है जिसमें अशुद्ध मंत्र लिखकर इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि संपुट मंत्र का जाप अवश्य कर लें। अशुद्ध संपुट मंत्र साधक के लिए किसी भी दृष्टिकोण से अकल्याणकारी बताया गया है।

नवरात्र का महापर्व चल रहा है. नवरात्र के दौरान भगवती दुर्गा के भक्त दुर्गा सप्तशती का पाठ और उसमें दिए गए संपु़ट मंत्रों का जप करते हैं.

जनसत्ता ने दुर्गा सप्तशती में दिए गए संपुट मंत्र में आपत्तिजनक शब्द जोड़ दिया है. आपत्तिजनक शब्द जुड़े संपुट मंत्र का पाठ अवश्य करने का प्रवचन दे रहा है जनसत्ता.

कॉपी में दिया गया पहला मंत्र दुर्गा सप्तशती के चौथे अध्याय का है. मूल मंत्र- “देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगण शक्तिसमूहमूर्त्या, तामम्बिकामखिल देवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः।”

आपत्तिजनक तरीके से छापे गए इस मंत्र को शुद्ध करने के लिए नवरात्र के प्रथम दिन यानि 7 अक्टूबर को जनसत्ता डिजिटल के सम्पादक और कार्यकारी निदेशक को इमेल द्वारा सूचित किया था। कार्यकारी निदेशक अनंत गोयनका ने इमेल के प्रति उत्तर में कहा कि इस संबंध में विजय झा को बताया है. दो दिनों के बाद भी कॅापी में दुर्गा सप्तशती के मंत्र में आपत्तिजनक शब्द ही है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. Shrikant Asthana

    October 9, 2021 at 6:17 pm

    संस्कृत जिन्होंने कभी पढ़ी नहीं, वे संस्कृत लिखेंगे और जांचेंगे तो ऐसा ही होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन