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आकाशवाणी के कैज़ुअल उद्घोषकों की 12 दिन पुरानी हड़ताल समाप्त

शिमला के सांसद वीरेंद्र कश्यप तथा दिल्ली प्रदेश शिव सेना के अध्यक्ष नीरज सेठी ने आज 12 दिनों से दिल्ली जंतर मंतर पर बैठे आकाशवाणी के संविदा उद्घोषकों की भूख हड़ताल को समाप्त कराया। इस अवसर पर सरकार के दोनों प्रतिनिधियों ने कैज़ुअल उद्घोषकों की मांग पर सरकार द्वारा उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस बीच अखिल भारतीय कैज़ुअल एनाउंसर यूनियन के महासचिव मनोज पाठक और अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया और आशा व्यक्त की कि सरकार हम सभी कैज़ुअल कर्मियों का नियमितीकरण करने का फैसला लेगी।

शिमला के सांसद वीरेंद्र कश्यप तथा दिल्ली प्रदेश शिव सेना के अध्यक्ष नीरज सेठी ने आज 12 दिनों से दिल्ली जंतर मंतर पर बैठे आकाशवाणी के संविदा उद्घोषकों की भूख हड़ताल को समाप्त कराया। इस अवसर पर सरकार के दोनों प्रतिनिधियों ने कैज़ुअल उद्घोषकों की मांग पर सरकार द्वारा उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस बीच अखिल भारतीय कैज़ुअल एनाउंसर यूनियन के महासचिव मनोज पाठक और अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया और आशा व्यक्त की कि सरकार हम सभी कैज़ुअल कर्मियों का नियमितीकरण करने का फैसला लेगी।

इससे पूर्व सांसद शिमला वीरेंद्र कश्यप ने हड़ताल पर बैठे कर्मियों को जूस पिला कर अनशन समाप्त कराया। ज्ञात हो कि एक दिन पूर्व ही ये उद्घोषक प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू से मिले थे जिन्होंने इस मामले में प्रसार भारती से रिपोर्ट मंगा कर अगला कदम उठाने का आश्वासन दिया।

आज भूख हड़ताल पर हरयाणा से राजीव रवींद्र एकांत, हिमाचल से हरि शर्मा और करताप ठाकुर, उत्तर प्रदेश से अनिल गुप्ता, अंजू तिवारी, निगार फरजाना, कमाल अहमद, बिहार से मनोज पाठक, अंजू भारती, दिल्ली से सिमरन कौर मध्यप्रदेश से अतुल, हरजीत कौर, झारखंड से स्मृति लाल और अन्य साथी उपस्थित थे। अब इन कैज़ुअल उद्घोषकों का कहना है कि सरकार को पहल कर समस्या का समाधान करना चाहिये।

मीडिया संस्थानों में इस्तीफे, ज्वायनिंग, एवार्ड, ट्रांसफर, निलंबन, घपले, घोटाले आदि की खबरें भड़ास तक [email protected] पर मेल करके पहुंचा सकते हैं.

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1 Comment

1 Comment

  1. Insan

    August 15, 2016 at 1:13 pm

    इस खबर में दिए गए कई एनाउंसरों के नाम फर्जी हैं. कई एनाउंसरों को काम नहीं आने की वजह से बहुत पहले प्रसार भारती निकाल चुकी है. प्रेस रिलीज से खबर लिखकर फर्जीवाड़ा करने से बचें.

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