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ऑल्ट न्यूज का बैंक खाता चालू, ज़ुबैर पर नए आरोप लगे!

संजय कुमार सिंह-

चार साल पुराने ट्वीट के लिए नामालूम से ट्वीटर हैंडल की शिकायत पर गिरफ्तार और फिर हैंडल बंद हो जाने के बावजूद नए आरोप झेलने वाले अल्ट न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर पर विदेशी चंदे में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया तो अल्ट न्यूज ने कहा कि विदेशी चंदा कंपनी के खाते में आता है संस्थापक के खाते में नहीं। पर जांच के दौरान सुरक्षा के लिए अल्ट न्यूज का खाता निष्क्रिय कर दिया गया था।

आज द हिन्दू ने खबर छापी है कि रेजरपे ने यह सेवा वापस शुरू कर दी है। दूसरी ओर, आज खबर छपी है कि मोहम्मद जुबैर पर नया आरोप (और एफआईआर भी) यह है कि उन्होंने तीन हिन्दू संतों को घृणा फैलाने वाला कहा है।

हिन्दुस्तान टाइम्स ने लिखा है इन संतो में एक हैं – यति नरसिन्हानंद सरस्वती जिनपर दिल्ली और उत्तर प्रदेश में घृणा फैलाने वाले कथित भाषण के खिलाफ कई आरोप है। यह भाषण हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद में दिया गया था।

कहने की जरूरत नहीं है कि इस भाषण पर तो कार्रवाई नहीं हुई ना ही नुपुर शर्मा पर हुई है लेकिन जुबैर को 1983 की फिल्म की तस्वीर शेयर करने के लिए गिरफ्तार किया गया है जो ना कभी प्रतिबंधित रही और ना संपादित की गई है।

संघ परिवार के संरक्षण वाली भारतीय जनता पार्टी के राज में पत्रकारों की इस हालत पर चिन्ता जताते हुए दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक बैठक हुई जिसमें कानूनी सहायता देने के लिए एक कोष बनाने की आवश्यकता और समय की जरूरत बताया गया। इसमें जरूरत मंद पत्रकारों को निशुल्क कानूनी सहायता मुहैया कराने के तरीकों पर भी चर्चा की गई। पत्रकारों ने भिन्न शहरों में वकीलों का एक पैनल बनाने की भी जरूरत महसूस की।

जुबैर को सीतापुर में दर्ज एफआईआर के सिलसिले में सीतापुर भी ले जाया गया था। वहां के न्यायिक दंडाधिकारी ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है हालांकि दिल्ली पुलिस उसे अपने साथ ले आई। इस बीच पत्रकार राणा अयूब ने ट्वीट कर मिल रही धमकियों और गालियों की जानकारी दी है और कार्रवाई की मांग की है। पर पुलिस जुबैर में कुछ ज्यादा ही व्यस्त लग रही है।

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