आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मंत्री आशीष पटेल पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच और कार्यवाही की मांग की…
लखनऊ | वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने उत्तर प्रदेश से इस वक्त की सबसे धमाकेदार खबर ब्रेक की है. खबर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति और यूपी के प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल से जुड़ी हुई है. अभिषेक द्वारा मंत्री जी के घोटाले का रहस्योदघाटन करते ही यूपी की राजनीति में उथल-पुथल मच गया है. इसे लेकर अमिताभ ठाकुर ने भी जांच और कार्यवाही की मांग की है. देखें नीचे
मंत्री आशीष पटेल पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच, कार्यवाही की मांग
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पिछले दिनों प्राविधिक शिक्षा विभाग में हुए प्रोन्नति में भारी भ्रष्टाचार और इसमें प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल की भूमिका की जांच की मांग की है.
अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा अध्यापन सेवा नियमावली 2021 बनाया, जिसके नियम 5 में विभागाध्यक्ष पद हेतु शत प्रतिशत नियुक्ति उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सीधी भर्ती से किया जाना है. साथ ही बीटेक और एमटेक अध्यापकों के लिए 15 वर्षों का अनुभव अनिवार्य है.
इसके विपरीत 9 दिसंबर 2024 को 177 अध्यापकों को विभागाध्यक्ष पद पर प्रोन्नति में विभागीय मंत्री के निर्देशों पर इन दोनों नियमों का पूर्ण उल्लंघन किया गया बताया जाता है.
अमिताभ ठाकुर ने एक रिटायर्ड हाई कोर्ट जज से इसकी जांच कराते हुए नियमों का विचलन पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करने और मंत्री आशीष पटेल को बर्खास्त किए जाने की मांग की है. साथ ही प्रोन्नति आदेश को निरस्त किए जाने की मांग भी की है.


मंत्री ने किस तरह घोटाले को अंजाम दिया, अभिषेक उपाध्याय के चैनल पर देखें-
यूपी के टेक्निकल एजुकेशन डिपार्टमेंट में हुए प्रमोशन घोटाले के पेपर्स सार्वजनिक हो गए हैं। सीधी भर्ती के पदों को विभागीय प्रमोशन के जरिए अंदरखाने निपटा लिया गया। जब ये सब हो रहा था तो देश भर में आदर्श आचार संहिता लागू थी।


मंत्री आशीष पटेल के OSD ने मंत्री को पत्र लिखकर आगाह भी किया था लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई थी।
विभागीय प्रमोशन कमेटी के चेयरमैन तत्कालीन प्रमुख सचिव देवराज थे।
देवराज इस समय सरकार के सबसे खास अधिकारी हैं। स्टेट GST, नियुक्ति और कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव हैं।
इस मामले में मंत्री ने इस्तीफा देने की पेशकश की है। लेकिन यूपी शासन ने अपना पक्ष स्पष्ट नहीं किया है।
फिलहाल कोई उच्च स्तरीय जांच अथवा विजिलेंस इंक्वायरी इत्यादि ऑर्डर नहीं हुई है। लेकिन ये मामला मीडिया में सुर्खियों में है.


