

कटनी, मध्य प्रदेश : सोशल मीडिया आज जहाँ एक ओर संवाद और सूचना का सशक्त माध्यम बन चुका है, वहीं दूसरी ओर यह मंच अश्लीलता, मानसिक शोषण और सामाजिक विकृति का गढ़ भी बनता जा रहा है। भोपाल निवासी वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता रिजवान अहमद सिद्दीकी ने फेसबुक पर नाबालिग बच्चों को अश्लील और अपमानजनक वीडियो में प्रस्तुत किए जाने के विरोध में रंगनाथनगर थाना, कटनी में FIR दर्ज करवाई है।
पत्रकार सिद्दीकी के अनुसार, वे पिछले एक महीने से लगातार ऐसी सामग्री देख रहे थे जिसमें एक वयस्क व्यक्ति द्वारा नाबालिग बच्चों से अश्लील भाषा में संवाद कराते हुए वीडियो बनाए गए। इन वीडियो में न केवल बच्चों की मासूमियत के साथ खिलवाड़ किया गया, बल्कि महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा और व्यवहार को सामान्य बनाने का प्रयास भी किया गया।
FIR के मुख्य बिंदु:
• नाबालिगों का मानसिक शोषण
• अश्लीलता को सामान्य बनाने की प्रवृत्ति
• महिलाओं के लिए घृणास्पद भाषा का प्रयोग
• लाखों बार देखे जा चुके वीडियो
• समाज पर गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव
सिद्दीकी ने यह भी बताया कि इस आपत्तिजनक सामग्री को प्रसिद्धि और व्यूज़ के लालच में बनाया गया था, जो हमारे समाज की अगली पीढ़ी पर बेहद नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
कटनी पुलिस की तत्परता
FIR दर्ज होते ही कटनी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और त्वरित जांच प्रारंभ कर दी है। पत्रकार सिद्दीकी ने IT Act और पॉक्सो जैसे सख्त कानूनों के तहत कार्रवाई की माँग की है, ताकि दोषियों को सजा मिले और समाज में चेतना जागे।
सामाजिक अपील
इस घटना के बाद सिद्दीकी ने एक भावनात्मक अपील की है:

“आइए, इस अश्लीलता और शोषण के विरुद्ध कुछ तो करें… सोशल मीडिया का उपयोग सूचना और विकास के लिए करें, न कि विकृति और व्यभिचार के लिए। अगर आप ऐसी सामग्री देखें, तो संबंधित एजेंसियों, प्लेटफॉर्म्स या हमें अवश्य सूचित करें।”
उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे ऐसे खातों को रिपोर्ट करें, FIR दर्ज कराएं या कम से कम सोशल मीडिया पर इस विषय को उठाएं।
हम सबकी ज़िम्मेदारी है:
आज जब मोबाइल और इंटरनेट बच्चों के हाथों में हैं, तो अश्लीलता और मानसिक प्रदूषण से उन्हें बचाना केवल पुलिस या सरकार का नहीं, हर नागरिक का कर्तव्य बन जाता है!



