Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

दैनिक भास्कर पर पेड न्यूज का आरोप लगा कर भाजपा ने कर दी लिखित शिकायत

प्रति,
सम्मानीय चेयरमैन
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया

प्रथम,द्वितीय,तृतीय तल
सूचना भवन 8, सीजीओ कॉम्प्लेक्स लोधी रोड , नई दिल्ली 110 003.

विषय :अखबार दैनिक भास्कर में केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के पैसे न देने की झूठी खबर के प्रकाशन हेतु शिकायत बाबत

महोदय,

आज दिनांक 31 अगस्त 2022 को प्रसिद्ध अखबार दैनिक भास्कर के छत्तीसगढ़ एडिशन में केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के हक के पैसे रोके जाने की खबर को प्रकाशित किया गया है। इस खबर में ‘केंद्र सरकार ने पैसे दबाए हैं’ ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया है ।

खबर में प्रकाशित आंकड़े जिसे केंद्र सरकार से लेना बताया गया है, वह भ्रामक है। जिसका विवरण इस प्रकार है :-

  1. करों की हिस्सेदारी के रूप में 13,089 करोड़ का बकाया बताया गया है यह पूरी तरह झूठा आंकड़ा है। राज्य सरकार द्वारा केंद्र को लिखी चिट्ठी में साफ उल्लेख है 3 वर्षों के बजट प्रावधानों से 13,089 करोड़ कम मिला है। केंद्र जो कर संग्रह करता उसमे से वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत 42 प्रतिशत राज्यों को जाता है। बजट प्रावधान केवल एक अनुमान होते हैं, ऐसे में इस प्रकार का क्लेम बनाकर केंद्र को बदनाम करना व अखबारों में इसका प्रकाशन निंदनीय है।

2.पेंशन स्कीम के तहत 17 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि की मांग की गई है जबकि इन रुपयों को संचालित करने वाली संस्था पीएफआरडीए ने साफ कहा है कि रेगुलेशन एक्ट के तहत किसी भी राज्य सरकार को रेवेन्यू रिसिप्ट में यह राशि एक साथ देने का प्रावधान है ही नही।

  1. नक्सल गतिविधियों के लिए राज्य सरकारें अपने हिस्से से कई खर्चे करती है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी किए है ।खर्च किए 11 हजार करोड़ को केंद्र सरकार वहन करे, ऐसी राज्य सरकार की मांग है। यह राज्य सरकार का पैसा दबाने वाला विषय नही है बल्कि राज्य की तरफ से की गई महज एक मांग है।

ऐसे में ये सारे आंकड़े भ्रामक है। केंद्र सरकार बदनाम करने व राज्य सरकार की विफलताओं को छुपाने का प्रयास है।

अतः निवेदन है कि इसकी जांच कर, जान बूझ कर ऐसी भ्रामक खबरों के प्रकाशन पर विधि अनुसार कड़ी कारवाई करने की कृपा करेंगे।

धन्यवाद

संलग्न : सम्बंधित खबर की कतरन।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन