भीलवाड़ा। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में भू-माफियाओं और तथाकथित पत्रकारों के एक संगठित गिरोह द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेशकीमती जमीनों को हड़पने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 11 नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता सरफुद्दीन शेख और महेश सोनी ने पुलिस अधीक्षक को दी रिपोर्ट में बताया कि पंचवटी विस्तार स्थित उनकी पुश्तैनी और खरीदशुदा जमीन (आराजी संख्या 2412, 2413) पर आरोपी पिछले काफी समय से नजर गड़ाए हुए थे। आरोप है कि तथाकथित पत्रकार मनीष जैन (भास्कर डिजिटल), रफीक पठान और उनके साथियों ने नगर विकास न्यास (UIT) के कर्मचारी नरेश खटीक के साथ मिलकर कार्यालय से फाइलें चोरी कीं और उनके फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए।
घटनाक्रम के अनुसार, 13 दिसंबर 2025 को जब प्रार्थी दिल्ली में एक रैली में शामिल होने गए थे, तब आरोपियों ने जेसीबी ले जाकर भूखंड की दीवार तोड़ दी और वहां रखा सामान चुरा लिया। जब प्रार्थियों के मित्रों ने मौके पर जाकर विरोध किया, तो आरोपियों ने खुद को प्रतिबंधित संगठन PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) का सदस्य बताते हुए धमकाया। उन्होंने कहा कि “PFI के स्लीपर सेल पूरे देश में फैले हैं, दूसरी जगह से आदमी बुलाकर तुम्हारी हत्या करवा देंगे”। मनीष जैन ने कहा कि यहां से चला जा नहीं तो किसी भी अस्पताल में अपनी खाट बुक कर ले क्योंकि तेरे हाथ पैर टूटने वाले है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि आरोपी अपनी पत्रकारिता और ‘दास्तान-ए-भीलवाड़ा’ व ‘भास्कर डिजिटल’ और अन्य मीडिया चैनल जैसे माध्यमों का धौंस दिखाते थे। उन्होंने पीड़ितों से कहा कि पुलिस और प्रशासन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते क्योंकि उनका दबदबा मंत्रियों तक है। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी इस गिरोह ने डॉ. शशांक सोमानी जैसे कई लोगों के भूखंडों के साथ इसी तरह की धोखाधड़ी की है।
कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), 329(4), 316(2), 318(4), 352, 351(2), 351(3), 308(5), 303(2), 338, 336(3) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक उगमाराम को सौंपी गई है।
एफआईआर ने मुख्य आरोपी मनीष जैन (पत्रकार भास्कर डिजिटल), रफीक मोहम्मद पठान, अहमद अली उर्फ पप्पू कसाई, दिनेश गोखरू, उमर टोला, सिराजुद्दीन, इकबाल मोहम्मद, विष्णु सोनी, मोहम्मद नईम, सुधांशु जैन उर्फ बॉस और यूआईटी कर्मचारी नरेश खटीक को बनाया गया है।
एफआईआर की प्रति देखें…






