Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

न्यूज़24 के पत्रकार बृजेश गुप्ता मर्डर केस में 16 साल बाद न्याय, एंकर कनिका ग्रोवर समेत 4 को उम्रकैद!

कानपुर। शहर के बहुचर्चित पत्रकार बृजेश गुप्ता हत्याकांड में लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद आखिरकार फैसला आ गया है। अदालत ने मुख्य आरोपी न्यूज एंकर कनिका ग्रोवर, उसके दो भाइयों सन्नी और मन्नी, तथा रिश्तेदार सुरजीत सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, सबूत मिटाने के आरोप में आरोपी राजीव कुमार उर्फ बंटी को पांच साल की कैद हुई है।

यह फैसला उस परिवार के लिए राहत लेकर आया है, जो 16 साल से न्याय की प्रतीक्षा कर रहा था।

जून 2009 में हुई थी हत्या

घटना जून 2009 की है। कानपुर के बाबूपुरवा इलाके में रहने वाले बृजेश गुप्ता, जो उस समय न्यूज़24 चैनल से जुड़े पत्रकार थे, की निर्मम हत्या कर दी गई थी। उनके भाई प्रभात गुप्ता के मुताबिक, 13 जून 2009 की शाम करीब साढ़े चार बजे बृजेश को आखिरी बार गौशाला चौराहे के पास देखा गया था। उस वक्त उनकी कार में कनिका ग्रोवर, उसके भाई सन्नी, मन्नी और रिश्तेदार सुरजीत सिंह सवार थे।

बृजेश ने प्रभात को फोन पर बताया था कि वह कनिका को घर छोड़कर लौटेंगे, लेकिन वे वापस नहीं आए। अगले दिन यानी 14 जून को उनकी कार की पिछली सीट पर बोरे में बंधा शव बरामद हुआ। शव की हालत बेहद दर्दनाक थी — सिर पर गहरे घाव थे, एक आंख खुली थी, दूसरी बंद, और दोनों हाथ मुड़े हुए थे। साथ ही उनकी रिवॉल्वर और पांच अंगूठियां भी गायब थीं।

कनिका और उसके परिवार पर दर्ज हुई एफआईआर

प्रभात गुप्ता ने तत्काल गोविंद नगर थाने में कनिका ग्रोवर, उसके भाई सन्नी-मन्नी, मां अल्का ग्रोवर, रिश्तेदार सुरजीत सिंह और बंटी उर्फ राजीव कुमार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया। जांच में खुलासा हुआ कि हत्या कनिका के घर पर की गई थी, जहां चाकू, हथौड़े और सुम्मी (एक नुकीला हथियार) से हमला किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों को शक था कि बृजेश ने ही कनिका के पिता राजेंद्र ग्रोवर को जेल भिजवाने में भूमिका निभाई थी। राजेंद्र ग्रोवर को बर्रा पुलिस ने चरस तस्करी और चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद बृजेश ने कनिका को नौकरी से निकाल दिया था, जिससे वह और उसका परिवार नाराज थे। हत्या से दो दिन पहले ही बृजेश ने अपने भाई प्रभात को इन धमकियों के बारे में बताया था।

अदालत का फैसला

पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामला एडीजे-19 राकेश सिंह की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर सरकारी वकील गौरेंद्र नारायण त्रिपाठी ने 10 गवाह पेश किए। गवाहों के बयानों, सबूतों और आरोपी पक्ष के कबूलनामे के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाते हुए कनिका, सन्नी, मन्नी और सुरजीत को धारा 302 (हत्या) के तहत उम्रकैद दी।

जबकि बंटी उर्फ राजीव कुमार को धारा 201 (सबूत नष्ट करना) के तहत पांच साल कैद की सजा सुनाई गई। कनिका की मां अल्का ग्रोवर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

“16 साल बाद मिला न्याय”

निर्णय के बाद बृजेश के भाई प्रभात गुप्ता ने कहा —

“हमने 16 साल तक अदालतों के चक्कर लगाए। आज न्याय मिला है, अब मेरे भाई की आत्मा को शांति मिलेगी।”

वहीं, सरकारी वकील त्रिपाठी ने कहा कि यह फैसला न सिर्फ पत्रकारों की सुरक्षा बल्कि न्याय व्यवस्था में लोगों के विश्वास को भी मजबूत करेगा।

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन