ईडी यानि प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से नोएडा में एक एफआईआर दर्ज कराया गया है. एफआईआर में छत्तीसगढ़ सरकार के कुछ बड़े अफसर और नेता / व्यापारी आरोपी बनाए गए हैं. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है और वहां चुनाव भी है. इसलिए इस सरकार को भ्रष्टाचारी साबित करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों ने लगातार छापेमारी की, कई अफसरों को जेल में बंद किया.
पता चला है कि कुछ आरोपी अब जेल से रिहा हो रहे हैं और उनकी रिहाई की खुशी में पटाखे फोड़े गए. इस खबर के मिलते ही केंद्रीय एजेंसियों को फिर से एक्शन मोड में ला दिया गया है.
अबकी उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर उर्फ नोएडा में प्रवर्तन निदेशालय ने एफआईआर दर्ज कराया है. नोएडा को कई वजहों से चुना गया है. बड़ा कारण तो ये है कि ये भाजपा शासित राज्य है और यहां की पुलिस प्रशासन की मशीनरी जांच पड़ताल व एक्शन में कोई ढिलाई नहीं बरतेगी.
नोएडा में एफआईआर दर्ज कराने के लिए बहाना बनाया गया है शराब की बोतलों पर होलोग्राम चिपकाने का कार्य करने वाली कंपनी प्रिज्म होलोग्राफी का आफिस नोएडा में होना. इस केस में आरोपी छत्तीसगढ़ सरकार के स्पेशल सेक्रेट्री एक्साइज अरुणपति त्रिपाठी, एक्साइज कमिश्नर निरंजन दास आईएएस, अनिल टुटेजा आईएएस, विधु गुप्ता और अनवर ढेबर. देखें एफआईआर की कॉपी-





ज्ञात हो कि भाजपा शासित राज्यों के घपलों-घोटालों पर केंद्रीय जांच एजेंसियां चुप्पी साधे रहती हैं लेकिन जहां गैर भाजपाई शासन है, वहां की हर एक गतिविधि पर इन एजेंसियों की नजर रहती है. छत्तीसगढ़ सरकार के जिम्मेदार लोगों का आरोप है कि ये सब कुछ राजनीति वजहों से किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि गैर भाजपाई राज्य सरकारों को अस्थिर और बदनाम करने के लिए केंद्र सरकार की साजिश में केंद्रीय जांच एजेंसियां शामिल हैं. तभी ये भाजपा शासित राज्यों में नहीं जातीं, केवल कांग्रेस शासन वाले राज्यों में डेरा डाले रहती हैं. जनता आने वाले चुनावों में इन्हें मुंहतोड़ जवाब देकर इस निहित स्वार्थी कार्रवाई का बदला लेगी.



