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सुख-दुख

इतना सुनते ही अफवाह अपने प्रिय एडिटर के पास लौट गई!

दीपांकर-

क्या चांद पर हमेशा मौजूद रहेगा प्रज्ञान रोवर के पहिए का निशान?
जवाब है नहीं,
बिल्कुल नहीं,
कभी नहीं.

पूरे मीडिया इंडस्ट्री में अफवाह फैली पड़ी है कि क्योंकि चन्द्रमा पर हवा नहीं है इसलिए वहां रोवर के टायर के निशान और उसमें छपा अशोक स्तंभ और इसरो का लोगो अनन्त काल के लिए चांद पर रहेगा.

जब तक सूरज- चांद रहेगा,
तब तक वो निशान रहेगा,
ऐसा अफवाह फैल चुकी है.

फिर इस अफवाह ने बहुत जोरों की गति पकड़ी और मुझ तक पहुंची, मुझसे सामने से टकरा गई, मैंने कहा कहां जा रही हो अफवाह?
बोली कुछ नहीं बस रास्ता भटक गई थी.

तो मैंने अफवाह से कहा देखो अफवाह चन्द्रमा पर छोटे-बड़े उल्कापिंड टकराते ही रहते हैं, और वायुमंडल न होने के चलते उनकी गति बहुत तेज होती चली जाती है. दो चार किलो का उल्का पिंड भी चन्द्रमा की सतह पर अपने आकार से कई गुना बड़ा गड्ढा कर सकता है, चन्द्रमा पर छोटे-बड़े इस तरह के लाखों गड्डे (क्रेटर) हैं.
संयोगवश या दुर्योगवश कोई मध्यम आकार का उल्का पिंड भी अगर लैंडिंग साइट या उसके करीब गिरा तो लैंडर रोवर समेत निशान और लोगो आदि को सम्पूर्ण रूप से धूल में मिला देगा.
क्योंकि चांद के इस ध्रुवीय इलाके में क्रेटर पहले से मौजूद हैं इससे ये भी सिद्ध होता है कि इधर उल्कापिंडों की बौछार अपेक्षाकृत ज्यादा होती रही है.
ऐसे में रोवर के टायर के निशान और लोगो अनन्त काल तक के लिए चांद पर मौजूद रहेंगे, ये महज एक कोरी गप्प है.

इतना सुनते ही अफवाह अन्तर्ध्यान हो गई और अपने प्रिय एडिटर के पास लौट गई.

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