नई दिल्ली | दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का मंच तैयार है। 5 फरवरी को होने वाले इस बड़े राजनीतिक मुकाबले ने न सिर्फ नेताओं को सक्रिय कर दिया है, बल्कि ब्रांड्स और राजनीतिक दलों के लिए यह लाखों दर्शकों तक पहुंचने का एक बड़ा अवसर बन गया है।
इस चुनावी माहौल में समाचार चैनल और प्रकाशक विज्ञापन दरों में 10% से 40% तक की बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। इसके साथ ही ये संस्थान ब्रांड्स को व्यापक और एकीकृत पहुंच देने के लिए अपने पैकेज को कस्टमाइज कर रहे हैं।
विज्ञापन दरों में उछाल
ज़ी मीडिया के सीईओ करण अभिषेक सिंह ने कहा, “AAP, बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीव्र मुकाबले की वजह से विज्ञापन स्पेस की मांग बढ़ रही है। हमें पिछले चुनावों की तुलना में विज्ञापन राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद है।”
NDTV के राजस्व प्रमुख मंदीप सिंह ने कहा, “यह एक हाई-स्टेक इवेंट है, जो राजनीतिक दलों और दर्शकों दोनों के लिए अधिक रुचि और सहभागिता पैदा करेगा। इससे विज्ञापन राजस्व में वृद्धि निश्चित है।”
ज़ी न्यूज़ के प्रबंध संपादक राहुल सिन्हा ने बताया कि चुनाव के दौरान दर्शकों की भागीदारी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा, “मतदान, एग्जिट पोल और मतगणना के दिन विज्ञापन दरें कई गुना बढ़ जाती हैं। सामान्य दिनों के मुकाबले इन दिनों विज्ञापन दरों में 30-40% तक की वृद्धि होती है।”
News24 के राजस्व प्रमुख अमित सेठी ने कहा, “2020 के चुनावों में राजनीतिक दलों ने 150 से 170 करोड़ रुपये विज्ञापन पर खर्च किए थे। इस बार विज्ञापन दरों में 15-20% की बढ़ोतरी की संभावना है, जो बढ़ती प्रतिस्पर्धा और दर्शकों की बढ़ती रुचि के कारण हो रही है।”
नए मीडिया का उभार
राजनीतिक दल अब डीपफेक वीडियो, मीम्स और एआई-जनित कंटेंट का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, पारंपरिक समाचार चैनल इन नए माध्यमों को प्रतिस्पर्धा के बजाय विविधीकरण का हिस्सा मानते हैं।
ज़ी मीडिया के राहुल सिन्हा ने कहा, “पॉडकास्ट और सोशल मीडिया अभियानों से खास दर्शकों को आकर्षित किया जा सकता है, लेकिन पारंपरिक और हाइब्रिड मीडिया का प्रभाव और भरोसा अद्वितीय है।”
NDTV के मंदीप सिंह ने कहा, “पारंपरिक मीडिया राजनीतिक अभियानों की नींव है, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म और नए मीडिया इस प्रक्रिया में सहायक भूमिका निभाते हैं।”
News24 के अमित सेठी ने कहा, “भरोसे की इस दौड़ में समाचार चैनल एक पुल का काम करते हैं, जहां परंपरागत मीडिया का भरोसा और पहुंच आज भी सर्वोच्च है।”
डिजिटल और टीवी का मेल
टीवी और डिजिटल माध्यमों को एकीकृत करते हुए समाचार चैनल विशेष पैकेज प्रदान कर रहे हैं। ज़ी मीडिया ने अपने टीवी विज्ञापनों को डिजिटल एक्सटेंशन जैसे लाइव स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया प्रमोशन के साथ जोड़ने की रणनीति अपनाई है।
News24 के अमित सेठी ने कहा, “OTT, CTV और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए हम उन दर्शकों तक पहुंच बना रहे हैं, जिन्होंने पारंपरिक टीवी से डिजिटल की ओर रुख किया है।”
Network18 के सीटीवी इंटीग्रेशन पर बोलते हुए आदित्य सिंह चौहान ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन दरें 20-30% अधिक होती हैं। उन्होंने कहा, “CTV, जो इंटरनेट के जरिए टीवी प्रसारण का माध्यम है, विज्ञापनदाताओं के लिए एक प्रीमियम विकल्प बन गया है।”
ब्रांड इंटीग्रेशन और AI का प्रयोग
ब्रांड्स को आकर्षित करने के लिए समाचार चैनल एआई-आधारित विश्लेषण, कस्टमाइज्ड कंटेंट और इंटरएक्टिव प्रोग्रामिंग पर ध्यान दे रहे हैं।
ज़ी मीडिया के करण अभिषेक सिंह ने कहा, “यह सिर्फ विज्ञापन दिखाने की बात नहीं है, बल्कि चुनावी बातचीत का नेतृत्व करने की बात है।” उन्होंने बताया कि ज़ी मीडिया ब्रांड्स के लिए विशेष पैकेज, ब्रांडेड चुनाव सेगमेंट और डेटा-ड्रिवन एड प्लेसमेंट जैसी सेवाएं प्रदान कर रहा है।
News24 और NDTV ने भी कस्टमाइज्ड कंटेंट के जरिए अपने विज्ञापनदाताओं को बेहतर ROI (रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट) सुनिश्चित किया है।
NDTV के लिए मंदीप सिंह ने कहा, “हमारी कस्टमाइज्ड सेवाएं ब्रांड्स को दर्शकों से जुड़ने का सही मंच प्रदान करती हैं। इससे न केवल उनकी पहुंच बढ़ती है, बल्कि उनका प्रभाव भी गहरा होता है।”



