ओ पी श्रीवास्तव-
गौतमबुद्ध नगर। जिस तरीके से लगभग पच्चीस साल पुराने मामले को लेकर पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को सत्ता में बैठे नेताओं की इशारों पर हैरान व परेशान करने की नियति से जेल भेज गया है। ठीक उसी तरह से जिले के आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार को दो साल पुराने एक मामले में दोषी करार कर उनको शनिवार को निलंबित कर दिया गया है।
हालांकि, उक्त आदेश समाचार लिखे जाने तक गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन को नहीं प्राप्त हुआ था। कहा जा रहा है कि आबकारी अधिकारी को सत्ता धारी राजनीतिज्ञों की शह पर साजिश के तहत निलंबित कर दिया गया है।
इस संबंध में इस संवाददाता ने जिलाधिकारी रूपम मेधा एवं जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार से फोन कर उनके पक्ष जानने की कोशिश की। लेकिन सम्पर्क नहीं हो पाया।
उच्च पदस्थ सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार शराब कारोबारियों से मिली भगत कर दुकानों पर निर्धारित कीमत से ज्यादा कीमत पर शराब की बिक्री के आरोप में गौतम बुद्ध नगर के जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
बताया जाता है कि गौतम बुद्ध नगर की शराब की दुकानों पर ज्यादा कीमत पर शराब की बिक्री की शिकायत पर आबकारी राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार नितिन अग्रवाल ने मामले की जांच दो साल पहले कराई थी। जांच में जिला आबकारी अधिकारी के दोषी मिलने पर यह कार्रवाई हुई है।
सूत्रों के अनुसार मंत्री अग्रवाल ने गौतम बुद्ध नगर में शराब की दुकानों पर तय कीमत से ज्यादा कीमत पर शराब बेचने की शिकायत की जांच मेरठ मंडल के तत्कालीन उप आयुक्त आबकारी राकेश कुमार सिंह से कराई गई थी। उन्होंने 23 दिसंबर 2024 को 9 दुकानों व 20 जनवरी 2025 को 16 दुकानों की जांच की थी। जिसमें ज्यादा कीमत पर शराब बिक्री की पुष्टि हुई थी।
दूसरी तरफ जिले में शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग के मामले में दोषी मिलने पर गौतम बुद्ध नगर जिला आबकारी अधिकारी को निलंबित करने की जबरदस्त चर्चा तो है, लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा दबी जुबान से बताया जा रहा है कि यह भी सत्य है कि जिला आबकारी अधिकारी ने समय-समय पर सघन जांच अभियान चलाया व खुद निर्धारित कीमत से ज्यादा कीमत पर शराब बेचने वाले बड़े दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की है तथा अवैध शराब बिक्री करने वालों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
जिससे आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार को साजिश के तहत उनके विरोधियों द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई कराई गई है।
कहा जा रहा है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर , दादरी , दनकौर एवं बिलासपुर में ज्यादा कीमत पर शराब बिक्री के आरोप पूर्व में भी लगे थे। लेकिन आबकारी अधिकारी ने अपने अधीनस्थों से जांच कराई थी जिसमें आरोप असत्य पाए गए थे।
सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर शराब ठेके पर दबंग दुकानदारों द्वारा लोगों से 10 से ₹15 अधिक कीमत की वसूली की जाती है। जिसका अधिकांश हिस्सा नेताओं की जेब में जाता है।
बताया जाता है कि पूरा खेल बड़े राजनीतिक लोगों की दबंगई व कुछ आबकारी निरीक्षकों की मिली भगत से जारी था। जिसकी खुद शिकायत आबकारी अधिकारी ने शासन में की थी। जिसका पुरस्कार सुबोध कुमार को मिला है।
वैसे उल्लेखनीय है कि गौतम बुद्ध नगर जिले में देसी शराब की 234, अंग्रेजी व बीयर की 239, मॉडल शाप की 27, प्रीमियम शाप की 44 दुकानें संचालित होती है। जिससे आबकारी विभाग को अच्छी आय प्राप्त होती है।



