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न्यूज़18 की डिबेट में “चड्ढी पहनकर गौरव भाटिया खिला है”, वीडियो देखें

कभी दूरदर्शन पर जंगल बुक का चर्चित कार्यक्रम आता था। उसमें एक मासूम किरदार था—मोगली। बच्चों को हंसाने वाला वो गाना आज भी याद है—“जंगल-जंगल बात चली है, पता चला है… चड्ढी पहन के फूल खिला है, फूल खिला है।” लेकिन वक्त बदला, किरदार बदले, और अब जंगल बुक के मोगली की जगह हकीकत की दुनिया में ‘कच्छे वाला भाटिया’ अवतरित हो चुका है। फर्क बस इतना है कि मोगली मासूम था, जबकि यह भाटिया घटियापन का चलता-फिरता विज्ञापन बन गया है।

सोशल मीडिया पर लोग भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया का यह वीडियो शेयर कर बहुत कुछ कह लिख रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि-

भाटिया का हाल यह है कि दिमाग़ से तो कब का नंगा हो चुका, अब शरीर से भी नंगा होकर अपनी असलियत दिखाने लगा है। जिस शख्स से समाज को सलीका, भाषा और आचरण की उम्मीद करनी चाहिए थी, वही सड़कछाप हरकतों का नमूना बन बैठा। दरअसल, यह भाटिया आज का वह ‘खलनायक मोगली’ है, जिसने सभ्यता का नकाब उतार फेंका है और सरेआम कच्छे में बैठकर अपनी असल औकात का प्रदर्शन कर रहा है।


महेंद्र यादव-

साफ दिख गया कि एक पार्टी का प्रवक्ता टीवी डिबेट में घर से ही ऑनलाइन जुड़ा था, और नीचे से नंगा था। जब गुल्लू ने इंट्रोड्यूस कराया तब तौलिया पैरों पर डालने की कोशिश की।

कन्फर्म भी कर लिया है.. नंगा ही था। ये मत कहिए कि बॉडी कलर की लैगी पहनी थी….।

डिबेट के बीच में भी नंगपन के कारण असहज बना रहा, और जब नहीं रहा गया तो बीच में ही हाथों से कुछ अजीब-अजीब इशारे करके उठकर गया, और फिर कुछ पहनकर आया…तब तक उसकी सीट खाली दिखती रही।

ये नंगा प्रवक्ता वही है जिसे एक बार हरे कुर्ता वाले एक समाजवादी ने स्टूडियो में पेल दिया था।

अब परीक्षा की घड़ी आई, आप लोगों के सामाान्य ज्ञान और याददाश्त की! Awesh Tiwary जी के भरोसे मत रहिए…खुद न पता हो, तो अन्य लोगों की वॉल पर सर्च करें। तिवारी जी तो गोल-मोल लिखते हैं…सही शब्द ही इस्तेमाल नहीं करते…

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