बीएस मोहन-
हिरेन जोशी करीब 2008 से नरेंद्र मोदी के साथ हैं। 18 साल कम नहीं होते किसी के साथ के लिए। किसी का विश्वासपात्र बने रहने के लिए। नरेंद्र मोदी जी- एक ऐसा व्यक्ति जिसके पास 35 साल के संगठन का अनुभव और 25 साल तक सरकार चलाने का तजुर्बा हो, वह जानता है कि उनके इर्द गिर्द कैसे लोग हैं और उनके साथ कितनी बात करनी है।
साल 2014 के बाद हमने देखा है सरकार कितने प्रभावी तरीके से न केवल कार्य करती है बल्कि पब्लिक से भी जुड़ी रहती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक-एक संदेश अगर आज जन-जन तक पहुंच रहा है तो जाहिर है इसमें उस सिस्टम की भी भूमिका है जो संदेश का वाहक है। यही भूमिका हिरेन जोशी की रही है।
लेकिन बिहार की बेरहम हार से हताश पत्रकारों के एक टूल किट गैंग को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। ये गैंग समय समय पर नए टूल किट लेकर कीचड़ में सन जाते हैं। अपनी शर्म हया को गिरवी रख चुका ये गैंग पहले भी दसियों बार गलत साबित हो चुका है। यही गैंग फिर एक बार बिना तथ्यों के हिट एंड रन की साजिश कर रहा है।
विपक्षी नेताओं और उनके छद्म बौद्धिक प्रतिनिधियों की कुटिल सभा 14 नवंबर के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधने के बहाने तलाश रही थी। बिहार में जीत के सपने संजोए कुछ चारणों ने कई आर्टिकल और मीम्स बनाकर पहले से ही रख लिये थे। जब सब बेकार हो गया तो चाबुक सीधे उनकी बुद्धि पर पड़ा। आकाओं का विश्वास डोलने लगा तो रोज़ी रोटी का संकट खड़ा होने की नौबत आ गई।
इस बीच संसद के सत्र में भी कुछ हाथ नहीं लगा तो पीएम मोदी के आसपास के लोगों को निशाना बनाने के लिए टूल किट बांटे जा रहे हैं।
इन्हीं चारणों ने पिछले कुछ घंटों से निशाने पर लिया है पीएमओ के हिरेन जोशी को। वही हिरेन जोशी जो अपनी कार्यक्षमता की वजह से आज करीब 18 सालों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विश्वासपात्र हैं।
हिरेन जोशी की सरलता और सहजता इस कदर है कि आज इन चारणों को उनकी एक अदद तस्वीर के लिए AI के टूल्स खोजने पड़ रहे हैं।
हिरेन जोशी के बारे में तरह तरह की बातें कही जा रही हैं, कीचड़ उछाला जा रहा है और उसमें सीधे पीएमओ को लपेटने की तैयारी है। ये गैंग कभी तथ्यों पर बात नहीं करता। इनके पास कोई सबूत नहीं होते।
ये उस अमर बेल की तरह हैं जिनकी अपनी कोई जड़ें नहीं हैं। ये हवा में लटके रहते हैं और हमेशा हवा हवाई बातें करते हैं। आज से नहीं, उस दिन से जब से इनके आकाओं को लगा कि अब उनकी सत्ता में वापसी मुश्किल हो गई है।
यह टूल किट गैंग पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। सोशल मीडिया का कोई भी प्लेटफार्म उठा कर देख लीजिए, इनकी एक टिप्पणी के नीचे कई लोग इन्हें टोकते हुए नजर आते हैं, इनसे तथ्य पूछे जाते हैं तो यह या तो उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं और अगर कोई बहुत प्रभावित तरीके से अपनी बात रख दे तो उसे ब्लॉक करके निकाल लेते हैं।
इन्हें अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए कुछ ना कुछ मसाला चाहिए। इसलिए भी चाहिए ताकि यह अपनी आकाओं को कह सकें- देखो हम कुछ कर रहे हैं।



महेन्द्र 'मनुज'
December 4, 2025 at 1:16 pm
हिरेन जोशी की ओरीजिनल फोटो और मोदी की डिग्रियाँ, छुपाकर रखना ही असल राष्ट्र-प्रेम , राष्ट्र-भक्ति है। जय हिन्द