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सियासत

इंडिया टुडे ने जस्टिस वर्मा के बारे में बड़ा खुलासा किया है!

मुकेश गर्ग-

फरवरी 2018 में CBI ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की शिकायत पर CBI ने 12 व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की! इनमें यशवंत वर्मा को दसवें आरोपी के रूप में सूचीबद्ध किया गया!

ये वही यशवंत वर्मा जी हैं जो फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस हैं और जिनके घर पर हाल ही में नोटों की गड्डियों के बोरों का जखीरा पकड़ा गया है!

FIR दर्ज होने के बावजूद और आरोपों की गंभीरता के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई! फरवरी 2024 में एक अदालत ने सीबीआई को रुकी हुई जांच को फिर से शुरू करने का आदेश दिया!

इससे पहले कि जांच हो पाती, सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के जांच करने के निर्देश को पलट दिया! जिसकी वजह से शुरू होने से पहले ही जांच बंद हो गई!

जानकारों का कहना है कि 2018 में सीबीआई की निष्क्रियता और 2024 में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से उच्च पदों पर बैठे व्यक्तियों से जुड़े भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा होती हैं!

इंडिया टुडे की पूरी खबर इस लिंक पर पढ़ें- जस्टिस यशवंत वर्मा

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3 Comments

3 Comments

  1. M.P.MISHRA

    March 23, 2025 at 7:24 pm

    All are same chore chore mausere bhai

  2. aditya kumar Shrivastav

    March 24, 2025 at 12:47 pm

    Corruption power of public servants are enshrined by Indian constitution.
    Power pillars are enough corrupt,who can crush corruption.
    There is no check for expenditure made from illegal procedes but legal income is heavily taxed.
    There is absolutely absence of proper accountability.
    There is organised crime in government machinery.
    Corruption of one corrupt is to be investigated by another big corrupt.

  3. HARI SINGH ROYAL

    March 24, 2025 at 2:31 pm

    कानून में इतनी छूट नहीं है कि जज चोरी करते रहे और पुलिस देखती रहे। लेकिन सरकार और जज दोनों चोरी कर रहे हो तो वे एक दूसरे का सहारा बनते है। यही हो रहा हैं कि योग्य लोगों में से कोई राजनीति में नहीं आ रहा हैं वो सब नेताओ के चमचे बने रहने में ही खुश रहते हैं। जैसे यह जज।
    यह चोरी इसलिए कर रहे है क्योंकि नेता जो योग्यता में कहीं भी इनके आस पास भी नहीं होते करोड़ों अरबों में खेलते हैं और यह बेचारे बने रहते हैं। तो यह लोग भी इनके कंपीटिशन में आने का प्रयास करते है, पकड़े तो किस्मत खराब से ही जाते है वरना पुलिस तो इनको चैक नहीं कर सकती।

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