संसद में पत्रकारों के प्रवेश पर रोक के खिलाफ मीडियाकर्मी करेंगे संसद मार्च!

देश के जाने माने संपादक, पत्रकार फोटो जर्नालिस्ट और संसद के दोनों सदनों को कवर करने वाले रिपोर्टर अपनी मांगों को लेकर कल एक बजे प्रेस क्लब ऑफ इंडिया से संसद तक विरोध प्रदर्शन और मार्च करेंगे।

इस बाबत जारी एक प्रेस रिलीज पढ़ें-

हम सब लोग संसद के स्थायी पास धारक पत्रकारों के संसद परिसर तथा दोनों सदनों की प्रेस गैलरी में प्रवेश की मांग कर रहें हैं क्योंकि सरकार ने उनके प्रवेश पर रोक लगा दी है और केवल चुनिंदा लोगों को अनुमति दे रही है। हम पत्रकारगण कल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभा पति एम वेंकैया नायडू को इस बारे में एक ज्ञापन भी देंगे और अपनी मांग रखेंगे।

हमारी मांगें-

हमारी मांग है कि जिन पत्रकारों के पास स्थायी पास है ,उन्हें संसद परिसर तथा राज्यसभा और लोकसभा की पत्रकार दीर्घा में प्रवेश की अनुमति दी जाए ताकि वे पहले की तरह सदन की कार्यवाही नियमित रूप से कवर कर सकें।

हमारी मांग है कि जुलाई में लोकसभा अध्यक्ष ने यह निर्णय लिया था कि स्थायी पास धारकों को संसद कवर करने के लिए पत्रकार दीर्घ के पास पहले की तरह बनेंगे,उस फैसले को लागू किया जाय।

हम यह भी मांग करते हैं कि संसद के सेंट्रल हाल के पास बनने पर जो पाबंदी लगी है उसे हटाकर पहले की तरह नए पास बनाएँ जाएं।वरिष्ठ पत्रकारों की लंबी सेवाओं कोदेखते हुए इस सुविधा को बहाल किया जाए।

हमारी यह भी मांग है कि दीर्घावधि समय तक संसद कवर करनेवाले पत्रकारों के विशेष स्थायी पास फिर से पहले की तरह बने जो उनके पेशे की गरिमा और सम्मान के अनुरूप है। फिलहाल सरकार ने इस पर भी रोक लगा रखी है।

हमारी यह भी मांग है कि जिन पत्रकारों को सत्र की पूरी अवधि के लिए जो पास बनते थे, उन्हें पहले की तरह पास बनाएं जाएं ताकि वे सदन की कार्यवाही कवर कर सकें क्योंकि सरकार द्वारा पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगने से उनकी नौकरी और सेवा पर भी असर पड़ा है जिससे उन्हें छंटनी का भी सामना करना पड़ा है

हम यह भी माँग करते हैं किदोनों सदनों की प्रेस सलाहकार समितियों का नए सिरे से गठन हो क्योंकि दो साल के बाद भी उनका गठन नहीं हुआ।

सभी संपादकों , ब्यूरो चीफ तथा पत्रकारों संवाददाताओं प्रेस छायाकारों से अपील है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आकर इस मार्च को सफल बनायें ताकि सरकार पर दवाब डाला जा सके और हमें हमारा अधिकार मिले।लोकतंत्र को मजबूत बनाने और प्रेस की स्वतंत्रता के लिए पत्रकारों को संसद कवर करने का अवसर पहले की तरह मिले।

हम हैं-
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया
प्रेस एसोसिएशन
इंडियन वोमेन्स प्रेस कोर
दिल्ली पत्रकार संघ
वर्किंग न्यूज़ कैमरामैन एसोसिएशन।


उधर लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसी मुद्दे पर एक पत्र लिखा है… देखेंं-



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