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मध्य प्रदेश

बकरीद पर शाकाहार का संदेश दे रहे पेटा कार्यकर्ताओं को पीटा

भोपाल। पशु-पक्षियों के प्रति क्रूरता और उन्हें बलि चढ़ाए जाने के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने वाली संस्था पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) के कार्यकर्ता आज सुबह जब भोपाल की मशहूर ताजुल मस्जिद के पास जागरुकता कार्यक्रम के लिए पहुंचे, तो वहां इक्ट्ठा मुस्लिम समुदाय के लोगों नें उनकी पिटाई कर दी। इस दौरान पुलिस की जीप पर भी पथराव किया गया। पथराव में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया है।

भोपाल। पशु-पक्षियों के प्रति क्रूरता और उन्हें बलि चढ़ाए जाने के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने वाली संस्था पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) के कार्यकर्ता आज सुबह जब भोपाल की मशहूर ताजुल मस्जिद के पास जागरुकता कार्यक्रम के लिए पहुंचे, तो वहां इक्ट्ठा मुस्लिम समुदाय के लोगों नें उनकी पिटाई कर दी। इस दौरान पुलिस की जीप पर भी पथराव किया गया। पथराव में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया है।

भोपाल के शाहजहानाबाद पुलिस थाने से मिली जानकारी के अनुसार पेटा के सचिन वनगेरा, गरिमा व सुरैया बेनजीर अपने सात-आठ कार्यकर्ताओं के साथ आज पशुओं को बलि चढ़ाए जाने के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने ताजुल मस्जिद के निकट पहुंची और प्रदर्शन शुरू किया। अचानक वहां बड़ी संख्या में पहुंचे मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इन पर पथराव किया और प्रदर्शनकारियों को घेरकर उनकी पिटाई कर दी।

बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने अभियान चला रहे कार्यकर्ताओं को शाहजहानाबाद थाने पहुंचा दिया । वहां भी मुस्लिम समुदाय के लोग जुट गए और नारेबाजी करने लगे । अभियान का विरोध कर रहे कलीम नकवी ने कहा कि हम पेटा का विरोध करते हैं । गौरतलब है कि बकरीद के अवसर पर शाकाहार को बढ़ावा देने के लिए पेटा ने पहले से ही सोमवार को भोपाल में ताजुल मस्जिद के निकट प्रदर्शन करने का ऐलान किया था ।

इस बीच पेटा द्वारा सोमवार शाम जारी एक बयान में कहा गया है कि सब्जियों, फलों एवं पत्तियों का लिबास पहने एक महिला कार्यकर्ता हाथों में ‘बकरीद को खुशनुमा बनाएं शाकाहार प्रयोग करें’ लिखी तख्ती लिए ताजुल मस्जिद के निकट शाकाहार को शांतिपूर्वक प्रोत्साहित कर रही थी, तभी वहां खड़े मुस्लिम समुदाय के लोगों  ने उस पर हमला कर दिया ।  पेटा इंडिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पूर्वा जोशीपुरा ने बयान में कहा कि हम क्रिसमस, ईस्टर, दीवाली, जन्माष्टमी आदि त्यौहारों के अवसर पर शाकाहार प्रोत्साहित करने वाले प्रदर्शन करते रहे हैं । उन्होंने आज की घटना को लेकर कहा कि जो संस्था सदा ही हिंसा के खिलाफ अभियान चलाती है, उसके कार्यकर्ताओं को हिंसा का शिकार होना पड़ा है, जो शर्मनाक है।

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