प्रेम भारद्वाज-
ओम बिरला जी के टीम का सदस्य राज सिंह अमेरा ने वीडियो बनाकर राहुल गांधी को संसद के अंदर गोली मारने की धमकी दी हैं!
वीडियो वायरल होने के बाद उसने पोस्ट डिलीट करके इंस्टाग्राम ID का नाम और यूजरनेम भी बदल दिया हैं, नीचे देख सकते हैं!
ओम बिरला जी लोकसभा अध्यक्ष हैं, संसद में उनका विरोध तो विपक्ष करेगा ही, इसका मतलब ये नहीं कि ओम बिरला जी के लोग सांसदों को गोली मारने और उनके घर में घुसने की धमकी देने लगे!
ये आदमी ओम बिरला के स्पीकर हाउस में बैठ कर चाय पीता है और उन्हें शादी का कार्ड देकर पर्सनली इनवाइट करता हैं, कोई आम कार्यकर्ता नहीं हैं!
ओम बिरला जी आपके लोग ये क्या कर रहे हैं?


विश्व दीपक-
राहुल गांधी को गोली मार दी जाएगी? यह सवाल है लेकिन फिर भी सवाल नहीं. यह कोई कोरी कल्पना भी नहीं.
मोदी और बिड़ला के एक भक्त ने कुछ देर पहले जो वीडियो जारी किया है उसे पागल, सनकी मानकर खारिज मत कीजिए. उसे फ्रिंज समझने की भूल मत कीजिए. वह इस देश का मेनस्ट्रीम है.
पिछले 12 सालों में इस देश में नफरत और झूठ को जिस तरह से फैलाया गया है, संस्थाबद्ध किया गया है उसका अंजाम कुछ भी हो सकता है. राहुल गांधी की हत्या की धमकी इसी अभियान का नतीजा है.
जर्मनी का इतिहास बार-बार याद आता है. वहां ठीक यही प्लेबुक अपनाई गई थी. संसदीय मंत्री रिजीजू झूठ बोलता है. मीडिया उसे फैलाता है. फिर करनी सेना के एक बहादुर का का वीडियो सामने आता है. यह संयोग नहीं, प्रयोग है.
बता दूं कि करनी सेना का प्रवक्ता अकेला नहीं है. नफरत के हजारों कीड़े इस देश में घूम रहे हैं जो मानते हैं कि राहुल गांधी देश द्रोही हैं. इसलिए उनकी हत्या कर देना चाहिए.यह कांग्रेस पार्टी और इस देश के नागरिकों के लिए सतर्क होने का वक्त है.
उर्मिलेश-
पत्रकारिता के अपने 42 साल लंबे दौर में मैने अब तक कभी नहीं सुना जब सरकार के किसी वरिष्ठ और बेहद जिम्मेदार मंत्री ने देश के मुख्य प्रतिपक्षी नेता(LoP) को ही राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बता दिया हो!
2026 के फरवरी महीने में पहली बार सुन रहा हूं कि प्रतिपक्ष के नेता Rahul Gandhi राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गये हैं. यह बयान देश के माननीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू साहब ने कल दिया था. एक एजेंसी से बातचीत में उन्होंने ऐसा कहा. खबर देखकर मुझे भरोसा नहीं हुआ कि एक वरिष्ठ मंत्री ने ऐसा कहा होगा. इंतजार किया कि खंडन आयेगा. पर ऐसा कुछ नहीं आया. यानी मंत्री जी ने सचमुच ऐसा बयान दिया है.
यकीन मानिये, पिछले चार दशक से मैं किसी दल का समर्थक नहीं हूं. कांग्रेस, भाजपा, सपा, बसपा, राजद, वामपंथी; सबकी आलोचना कर चुका हूं. कभी किसी ने कोई अच्छा काम किया तो तारीफ भी की. इस बात का जिक्र सिर्फ इसलिए कर रहा हूं कि कोई बेवजह मुझे कांग्रेस का समर्थक न घोषित करे!
मैं सिर्फ अपने मुल्क, उसके संविधान और उसके लोकतंत्र का समर्थक हूं! इस नाते मुझे माननीय मंत्री जी का देश के मुख्य प्रतिपक्षी नेता राहुल गांधी को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा’ या ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सर्वाधिक खतरनाक’ बताता बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण लग रहा है. क्या वह अपने बयान पर पुनर्विचार करेंगे?
मुझे मालूम है, मौजूदा सत्ता-पक्ष के समर्थक या सदस्य अक्सर ही अपने शहर या कस्बे के अपने किसी प्रतिद्वन्द्वी, विरोधी या आलोचक को देशद्रोही, अर्बन नक्सल या देश के लिए खतरनाक बताने में तनिक भी संकोच नहीं करते! यह इस जमाने का एक ट्रेंड बन चुका है. लेकिन राहुल गांधी कोई मामूली आदमी नहीं हैं. वह देश की सबसे पुरानी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं और इस वक्त लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता(LoP) हैं.
देश के कई अति-महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति के लिए बनी शीर्ष शासकीय कमेटियों के वह सदस्य भी हैं. ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ‘बड़ा या सबसे बड़ा खतरा’ बताने का क्या औचित्य है? अगर इसमें तनिक भी सच्चाई है तो मंत्री जी और उनकी सरकार ने ऐसे ‘खतरनाक व्यक्ति’ को प्रतिपक्ष के नेता के तौर पर क्यों मान्यता दे रखी है?
इसलिए मंत्री जी को सिर्फ बयान नहीं देना चाहिए, राहुल गांधी के विरूद्ध उनके पास तनिक भी तथ्य हों तो फौरन एक तथ्य-पत्र निकालना चाहिए कि किस तरह वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं! अगर उनके पास ऐसा कुछ भी नहीं है, कोई तथ्य नहीं हैं तो उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया? इसका भी जवाब देना चाहिए!


