Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

आवाजाही

राजेश उपाध्याय जागरण डाट काम के एडिटर इन चीफ बने, शरद मौर्य अमर उजाला गोरखपुर के संपादक नियुक्त

हिंदुस्तान से इस्तीफा देने वाले राजेश उपाध्याय ने नई पारी की शुरुआत दैनिक जागरण के साथ की है. उन्हें दैनिक जागरण के डिजिटल वेंचर जागरण डाट काम का एडिटर इन चीफ बनाया गया है. राजेश उपाध्याय दैनिक भास्कर दिल्ली-एनसीआर के रेजिडेंट एडिटर रह चुके हैं. बाद में उनका तबादला भास्कर प्रबंधन ने भोपाल कर दिया था. उसके बाद उन्हें दैनिक भास्कर, छत्तीसगढ़ का स्टेट एडिटर बनाया गया. वहां से उन्होंने इस्तीफा देकर हिंदुस्तान नोएडा में डिजिटल हेड के रूप में ज्वाइन किया था. अब वे जागरण समूह के हिस्से हो चुके हैं.

हिंदुस्तान से इस्तीफा देने वाले राजेश उपाध्याय ने नई पारी की शुरुआत दैनिक जागरण के साथ की है. उन्हें दैनिक जागरण के डिजिटल वेंचर जागरण डाट काम का एडिटर इन चीफ बनाया गया है. राजेश उपाध्याय दैनिक भास्कर दिल्ली-एनसीआर के रेजिडेंट एडिटर रह चुके हैं. बाद में उनका तबादला भास्कर प्रबंधन ने भोपाल कर दिया था. उसके बाद उन्हें दैनिक भास्कर, छत्तीसगढ़ का स्टेट एडिटर बनाया गया. वहां से उन्होंने इस्तीफा देकर हिंदुस्तान नोएडा में डिजिटल हेड के रूप में ज्वाइन किया था. अब वे जागरण समूह के हिस्से हो चुके हैं.

एक अन्य सूचना गोरखपुर से आ रही है. अमर उजाला प्रबंधन ने शरद मौर्य को गोरखपुर एडिशन का संपादक नियुक्त किया है. शरद अभी तक अमर उजाला के नोएडा आफिस में बैठते थे और ग्रुप के सेकेंड ब्रांड कांपैक्ट के नेशनल हेड हुआ करते थे. अमर उजाला गोरखपुर के नए संपादक के रूप में मई के पहले सप्ताह में राजेश श्रीनेत को हटाकर कुमार भावेश को भेजा गया था. पांच महीने बाद ही गोरखपुर का संपादक बदले जाने को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं. सीएम योगी का गृह जिला होने के कारण गोरखपुर इन दिनों काफी महत्वपूर्ण यूनिट है और अमर उजाला गोरखपुर में हो रहे लगातार बदलाव को इसी नजरिए से देखा जा रहा है. 

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. Devendra Surjan , Jabalpur

    September 14, 2017 at 1:02 pm

    राजेश की हर नियुक्ति मुझे अतीव सुख देती है क्योंकि उसमें उनकी तरक्की निहित होती है . राजेश उपाध्याय ने केरियर की शुरुआत बन्द हो गए नवीन दुनिया से की थी लेकिन उन्हें काम करने का सही मौका देशबन्धु जबलपुर में आने पर ही मिला . यहां उन्होंने खुल कर पत्रकारिता की और यही से उनके वैवाहिक जीवन की शुरुआत हुई . राजेश पत्रकारिता में अब जहां ऊंचाइयां छू रहे हैं वहीं उनकी पत्नी आशा पत्रकारिता और इतर विषयों पर पुस्तकें लिख कर नाम कमा रही है . आशा ने भी अपने पत्रकारीय केरियर की शुरुआत देशबन्धु जबलपुर से ही की थी . ये दोनों निरन्तर आगे बढ़ते रहें , यही कामना है .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन