Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की गिरफ्तारी और संपत्ति कुर्की के आदेश जारी

देवरिया । उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कसया चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने 24 वर्ष पुराने एक वाद में अनुपस्थित चल रहे प्रदेश के कृष्रि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के विरूद्ध मंगलवार को गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उनकी संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया है। आदेश तामील के लिए न्यायालय ने इस संबंध में थानाध्यक्ष कसया को नोटिस भी जारी किया है।

देवरिया । उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कसया चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने 24 वर्ष पुराने एक वाद में अनुपस्थित चल रहे प्रदेश के कृष्रि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के विरूद्ध मंगलवार को गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उनकी संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया है। आदेश तामील के लिए न्यायालय ने इस संबंध में थानाध्यक्ष कसया को नोटिस भी जारी किया है।

सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट मंत्री शाही के विरूद्ध अपराध संख्या 271- सन 94 में धारा 353, 506 आईपीसी के तहत कसया थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। तत्कालीन संग्रह अमीन चंद्रिका सिंह ने शाही पर आरोप लगाया था कि उन्होंने सरकारी कार्य में बांधा पहुंचाया हैं।  वर्ष 1994 में दर्ज मुकदमें का परीक्षण वर्ष 2004 में शुरू हुआ तो शाही ने न्यायालय में हाजिर होकर जमानत कराया। आगे चलकर 14 मई 2007 को पत्रावली में वे गैर हाजिर हो गए और आज तक उपस्थित नहीं हुए। बीच में न्यायालय ने उनके विरूद्ध गैर जमानती वारंट भी जारी किया। बावजूद इसके शाही न्यायालय में हाजिर नहीं हुए।

मंगलवार को पत्रावली की सुनवाई के दौरान न्यायधीश चतुर्वेदी ने मामले को गंभीरता से लिया। मुकदमें में 11 वर्ष से गैर हाजिर चल रहे कैबिनेट मंत्री के विरूद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उनकी संपत्ति भी कुर्क करने का आदेश दिया। इस संबंध में न्यायालय ने एसओ को जारी नोटिस में 19 फरवरी 2018 को कार्रवाई विवरण के साथ उपस्थित होने का आदेश दिया है।  न्यायालय के उक्त आदेश से भाजपा में हलचल मच गई है और राजनीतिक गलियारे में तरह तरह की बातें की जा रही है।

देवरिया से ओ पी श्रीवास्तव की रिपोर्ट.

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन