उत्तर प्रदेश के सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र की हत्या को 48 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। लेकिन पुलिस के हाथ अब तक हत्यारों से खाली हैं। इसे लेकर यूपी के तमाम जनपदों के पत्रकारों में नाराजगी पसरती जा रही है। जगह-जगह पत्रकार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। हत्यारों की गिरफ्तारी और परिवार को न्याय देने की मांग की जा रही है।
खुद पत्रकार के परिवार ने पुलिस की कार्यशैली से नाराजगी जाहिर की है। सीतापुर में भी पत्रकारों के साथ स्थानीय लोगों ने मृतक पत्रकार के परिवार के लिए जुलूस निकालकर न्याय की मांग की है... नीचे पढ़ें
लखनऊ/सीतापुर। दैनिक जागरण के पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की निर्मम हत्या के विरोध में ऑल इंडिया न्यूज़पेपर एसोसिएशन (आईना) ने लखनऊ स्थित गांधी प्रतिमा पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में आईना के पदाधिकारियों सहित कई टीवी चैनलों के पत्रकार और समाचार पत्रों के संवाददाताओं ने भाग लिया। सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए जाने की मांग की।
आईना के राष्ट्रीय महासचिव अरुण मिश्रा ने कहा कि पत्रकारों की हत्या और उन पर होने वाले अत्याचार गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पत्रकारों पर हुए हमलों और हत्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सब पत्रकारों को डराने और दबाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पत्रकारों को आत्मरक्षा के लिए कम समय में न्यूनतम दर पर आर्म्स लाइसेंस दिया जाए और पत्रकार सुरक्षा आयोग का गठन किया जाए।
आईना के राष्ट्रीय सलाहकार सुशील दुबे ने पत्रकारों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गांव और कस्बों में सच्चे पत्रकारों की लेखनी को दबाने का प्रयास किया जाता है, उन्हें प्रताड़ित किया जाता है या उनकी हत्या कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे पत्रकारों की सुरक्षा करना आवश्यक है और सरकार को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।
आईना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह, सचिव एन. आलम, उपाध्यक्ष नौशाद भाई और नफीस भाई सहित कई पत्रकारों ने इस जघन्य हत्या पर आक्रोश व्यक्त किया और सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की अपील की।
लखनऊ में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सरकार कितनी गंभीर है। पत्रकारों की मांग स्पष्ट है—सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे और पत्रकार सुरक्षा कानून शीघ्र लागू किया जाए।
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पंकज झा-
यूपी में राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या से पत्रकार साथी आक्रोशित हैं. शनिवार को उनके गोली मारी गई पर हत्यारे अब तक नहीं पकड़े गए हैं. परिवार की आरोप है कि जिनके खिलाफ वाजपेयी लिखते रहे उन्हीं लोगों ने उनकी हत्या की है।
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