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सुधीर चौधरी ने हाथ से लिखी चिट्ठी पोस्ट कर मांगी मदद तो अध्यापक ने जवाब क्या दिया? पढ़ें

दूरदर्शन से करोड़ों रुपये के करार के बाद डिकोड नामक शो चला रहे सुधीर चौधरी ने एक्स पर एक चिट्ठी शेयर की है। हाथ से लिखी गई इस चिट्ठी को शेयर कर चौधरी ने एक बच्चे के लिए मदद मांगी है। जिसका उन्हें अभिनय नामक एक टीचर ने जवाब भी दिया है। कौन क्या कह रहा है, नीचे पढ़ें… लास्ट में कुछ कमेंट्स भी जुटाए गये हैं- पढ़िए….


अभिनय मैथ्स नामक अध्यापक ने सुधीर चौधरी को जो जवाब दिया वह पढ़ें…

सोचो इतने बड़े पत्रकार हो भाई साहब – एक चिट्ठी मिली है – उसके लिए भी सबसे मदद? एक बच्चा तो पढ़ा ही सकते हो, इतनी खबरे बेचीं है – भारत के ख़राब हालातों के लिए देश की media औऱ आप जैसे बड़े पत्रकार भी खूब जिम्मेदार है।


क्या लिखा था सुधीर चौधरी ने?-

मैं ख़ुशक़िस्मत हूँ कि दर्शक आज के ज़माने में भी हाथ से लिख कर पत्र भेजते हैं। ये चिठ्ठी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में एक गरीब किसान की है जिसका बेटा कक्षा 8 में पढ़ता है। ये बच्चा बड़ा होकर वैज्ञानिक बनना चाहता है। लेकिन आर्थिक स्थिति ख़राब होने के कारण बच्चे को पढ़ाई में परेशानी आ रही है। मैं आप सबसे मदद की अपील करता हूँ। हम चाहें तो इस गरीब किसान का सपना पूरा हो सकता है।


अनिल गुप्ता-

यह चाहते तो बोल सकते थे कि आज गांव का बच्चा वैज्ञानिक बनना चाहता है और नहीं बन पा रहा है कौन जिम्मेदार है। लेकिन नहीं इन्हें तो लोगों से पैसे मांग कर भी मसीहा बनना है।

अनिल ए हंसदा-

भारत सरकार इसको सबसे ज्यादा सैलरी देती है, जो आज तक ना किसी वैज्ञानिक, ना डॉक्टर, ना सेना के किसी अधिकारी को मिलती है। पता नहीं देशहित में ऐसा कौन सा काम कर रहे हैं? जबकि एक किसान के बच्चे की पढ़ाई तक नहीं करवा सकते।

बहुत शानदार जवाब दिया है अभिनय सर आपने। इन जैसे गोदी पत्रकारों ने आपदा में अवसर खोजते हुए खूब जम के माल छापा है। परंतु एक बच्चे की पढ़ाई लिखाई की मदद करने पर उनकी अंतड़ियाँ बाहर निकली आ रही हैं। भिखारियों की तरीके से एक गरीब आदमी का मज़ाक उड़ाते हुए इस चिट्ठी इधर-उधर शेयर कर रहे हैं। इनको शर्म आनी चाहिए। डीडी न्यूज़ वाले 1 साल का इन्हें 15 करोड़ रुपए देते हैं। आम जनता की गाढ़े खून पसीने की कमाई से वसूले गए टैक्स का यह सबसे बुरा इस्तेमाल है।- हरि सिंह

बे-अक्स-

इसका अर्थ ये हुआ कि भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार मिलकर भी एक बच्चे को शिक्षा नहीं दे सकते और खुद को विश्वगुरु कहते हैं ये कहते समय शर्म कैसे नहीं आती है इनको!!

हिमांशु-

सर यह इसका प्रोपेगेंडा है इसकी पोस्ट शेयर मत कीजिए यह सिर्फ अपनी पापुलैरिटी को बढ़ाना चाहता है यह जादू कर है एक नंबर का और यह गोदी मीडिया है इसे क्या ही उम्मीद करी जा सकती है जो 14 करोड रुपए लेकर भी एक बच्चे को नहीं पढ़ा सकता उसे क्या ही उम्मीद कर सकते हैं

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