जयपुर/श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर की नरसिंहपुराबिरानी खुली जेल में आजीवन कारावास काट रहे दीक्षांत कामरा के मामले में खाकी और कैदी की मिलीभगत का खेल सामने आया है। उसने अक्तूबर 2025 में पांच दिन थाइलैंड में छुट्टियां मनाई। दूसरी ओर रजिस्टर में सुबह-शाम उसकी हाजिरी दर्ज होती रही।
दैनिक भाष्कर की पड़ताल में खुलासा हुआ तो चौंकाने वाले पहलू उजागर हुए। रिपोर्ट के मुताबिक दीक्षांत कामरा ने अक्तूबर में पांच दिन थाईलैंड में छुट्टियां मनाई। वह श्रीगंगानगर की नरसिंहपुराबिरानी खुली जेल में आजीवन कारावास काट रहा है। हैरानी की बात है कि जेल में सुबह-शाम उसकी हाजिरी होती रही। दरअसल मामला है यह है कि दीक्षांत कामरा जयपुर के झोटवाड़ा में 2028 के चर्चित दुष्यंत हत्याकांड का दोषी है। उसके साथ दो अन्य आरोपियों को न्यायालय ने वर्ष 2023 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। खुली जेल में सजा काटने के दौरान उसने नौ अक्तूबर से 13 अक्तूबर 2025 तक थाईलैंड की यात्रा की। इस बीच जेल में उसकी हाजिरी लगती रही। उसके यात्रा की पुष्टि पासपोर्ट रिकॉर्ड से हुई है।
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ऐसे हुआ मामला उजागार
भड़ास की पड़ताल के बाद मामला सामने आने पर एक महिला ने पूरे प्रकरण की शिकायत जेल महानिदेशक अशोक राठौड़ से की तो उनकी ओर से जांच के आदेश जारी किए गए। महिला ने आरोप लगाया कि दीक्षांत ने धोखा देने के साथ ही मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया था। जेल वार्डरहापुरम पर इसमें शामिल होने का आरोप भी है। ऐसे में उसक निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
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नशा तस्करी में शामिल होने की जांच में जुटी पुलिस
श्रीगंगानगर के जवाहर नगर थाना पुलिस की ओर से दीक्षांत की कार से 40 ग्राम अफीम बरामद किया गया था। मामले में एनडीपीएस एस्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। खुली जेल में रहते हुए दीक्षांत नशा तस्करी में शामिल था या नहीं। पुलिस इसकी जांच में जुटी है। दीक्षांत का पासपोर्ट 2016 में पदमपुर (श्रीगंगानगर) के पते पर जारी हुआ था। उसकी गिरफ्तारी 2018 में हुई थी। 2023 में सजा के बावजूद भी पासपोर्ट जब्त नहीं हुआ। मामले के खुलासे के बाद जेल प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेकर नाकामी को उजागर किया हे। जेल प्रशासन के अलावा पुलिस की ओर से पूरे मामले में जांच जारी है। दैनिक भाष्कर के अलावा अन्य मीडिया संगठनों ने इसकी पुष्टि की।

