चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत के 127-सदर विधानसभा क्षेत्र में SIR के दौरान 13000 से अधिक मतदाताओं के एपिक नंबर वही रखना और उनके नाम में बिना फॉर्म आठ लिए मनमाने तरीके से परिवर्तित कर मताधिकार से वंचित किए जाने के गंभीर मामले में दो मतदाता पंजीकरण अधिकारियों/डिप्टी कलेक्टर मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को निलंबित कर दिया है।
चुनाव आयोग के अनुसार पीलीभीत जनपद की चारों विधानसभा क्षेत्र में हुए SIR के काम जांच होगी। एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। बता दें कि इस पूरे मामले में प्रथम दृष्टया दोषी करार दिए गए डिप्टी कलेक्टर में गोस्वामी व हेमंत कुमार चौधरी के पहले ट्रांसफर कर नई तैनाती की खबर आई उसके अगले ही दिन विपक्ष के सवाल उठाने पर दोनों को ही शासन ने प्रतीक्षा सूची में डाल दिया।
अब दोनों पर विभागीय कार्रवाई की गई है। सहायक निर्वाचन अधिकारी कृष्ण कुमार की ओर से इनके विरुद्ध सदर कोतवाली में मुकदमा भी पंजीकृत कराया जा चुका है।


मो. फैजान
पीलीभीत से हटाए गए एसडीएम मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को पोस्टिंग देकर अगले ही दिन वेटिंग में भेजा गया।
वोटर लिस्ट विवाद: शहर विधानसभा क्षेत्र और पीलीभीत की मतदाता सूची में करीब 10,470 से 13,000 मतदाताओं और उनके पिता के नाम में फेरबदल और गड़बड़ी का मामला सामने आया था। आरोप है कि वीआरसी (Voter Registration Center) के कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा फॉर्म-8 के जरिए यह नाम बदले गए थे। इस प्रकरण में एसडीएम हटाए मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
सस्पेंड करने के बजाय दोनों को नई तैनाती दी गई, मयंक गोस्वामी को चकबंदी मुख्यालय में तैनाती मिली थी। दूसरे आऱोपी SDM हेमंत चौधरी को भी नई तैनाती हेमंत चौधरी को आपदा प्रबंधन में OSD बनाया गया था। विवाद बढ़ने पर दोनों अधिकारियों को वेटिंग में डाल दिया गया है।

पीसीएस मयंक गोस्वामी और पीसीएस हेमंत चौधरी को एसडीएम पद से हटा दिया गया है। पीलीभीत जिले की सदर विधानसभा सीट 127 की मतदाता सूची में गड़बड़ी करने के मामले में पूरनपुर तहसील के एसडीएम पीसीएस मयंक गोस्वामी और अमरिया तहसील के उपजिलाधिकारी पीसीएस हेमंत चौधरी को गंभीर रूप से दोषी पाया गया है। एसआईआर (SIR) के दौरान ईआरओ (ERO) की जिम्मेदारी निभा रहे दोनों पीसीएस अफसरों को पद से हटा दिया गया है। साथ ही, चुनाव आयोग ने इन दोनों अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इन दोनों अफसरों के ईआरओ रहते हुए फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद 13150 वोटों की मतदाता सूची में गड़बड़ी की गई है। आयोग के निर्देश पर एफआईआर दर्ज हो गई है, जबकि 16554 वोटरों के खेल में एक मंत्री जी का भी नाम सामने आ रहा है।
-आशुतोष शुक्ला



