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सियासत

न्यूज़क्लिक केस : अवैध हिरासत पर सरकार और सिस्टम के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं!

संजय शर्मा-

किस तरह न्यूजक्लिक के संपादक को जेल भेजा गया. उसमें काम कर रहे लोगों को देशद्रोही कहा गया. यह कोई पहला मामला नहीं है. सरकार ऐसे तमाम लोगों के साथ यही करना चाहती है जो उससे सवाल पूछते है.

आज सुप्रीम कोर्ट ने प्रवीर पुरकायस्थ को रिहा करने के आदेश देते हुए उनकी गिरफ़्तारी करने को अवैध बताया है. प्रधानमंत्री और सरकार से यह अपेक्षा करना बेकार है कि वो इस अवैध गिरफ़्तारी पर माफी मांगेंगे. जिस सिंघम पर चीन के ईशारे पर यह फ़ंडिंग करने का आरोप लगाया गया उसे आज तक भारत ने आतंकी या संदिग्ध लोगों की सूची में नहीं डाला.

न्यूज़क्लिक के इस मामले में शानदार पत्रकार अभिसार शर्मा को भी बहुत परेशान किया गया. सुनिये खुद अभिसार शर्मा से कि न्यूज़क्लिक के मामले में उन्हें किस तरह परेशान किया गया…

विनोद कापड़ी-
गिरफ़्तारी अवैध थी तो दिल्ली पुलिस के उस एक-एक अफ़सर की गिरफ़्तारी होनी चाहिए, जिसने ये ग़ैरक़ानूनी काम किया. सीपी दिल्ली को अदालत में बुलाया कर पूछना चाहिए कि ये अवैध गिरफ़्तारी क्यों हुई? सिर्फ़ टिप्पणी कर के नहीं छोड़ देना चाहिए. सुपारी गैंग की तरह काम कर रहे वर्दी वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

मिलिंद खांडेकर-
सुप्रीम कोर्ट ने News click के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ को छोड़ने का आदेश दिया है. दिल्ली पुलिस ने 6 महीने पहले UAPA के तहत गिरफ़्तार किया था. कोर्ट ने कहा कि गिरफ़्तारी अवैध थी.

शमशाद-
गिरफ्तारी अवैध थी. हिरासत में रखना गैर कानूनी था, ऐसे. मैं नहीं कह रहा हूं सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट में कहा है. मतलब मोदी सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर असंवैधानिक काम कर रही है.

मूल खबर…

BREAKING NEWS : न्यूज़क्लिक केस में प्रबीर पुरकायस्थ को SC ने दी बड़ी राहत!

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