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सियासत

ट्रंप जैसे सनकी की संगत में मस्क भाई निपट गए, टेस्ला का असल नुकसान अभी बाकी है!

सुभाष सिंह सुमन-

3 महीने पहले 486 बिलियन डॉलर. अभी है 301 बिलियन डॉलर. एलन मस्क की नेटवर्थ का ग्राफ है यह. ट्रंप चचा को सपोर्ट किए और जीतने के बाद नेटवर्थ एकदम से ऊपर भागा. फिर ट्रंप चचा के चक्कर में ही अभी 185 बिलियन डॉलर गिर गया. यह कितना ज्यादा है, उसका अंदाजा ऐसे लगाइए कि अंबानी और अडानी की नेटवर्थ मिलाकर 150 बिलियन डॉलर नहीं है. मतलब जितनी अंबानी और अडानी की मिलाकर पूरी दौलत है, उससे ज्यादा मस्क की दौलत 3 महीने में कम हो गई है.

कारण?

टेस्ला. मस्क की नेटवर्थ में सबसे बड़ा हिस्सा अभी टेस्ला के शेयरों का है. दिसंबर में टेस्ला का शेयर 479 डॉलर पर था. अभी 231 डॉलर का है. 3 महीने में 50% से ज्यादा गिर गया है.

इसका कारण?

टेस्ला की बिक्री गिर गई है. बिक्री के हिसाब से नंबर वन तो पहले ही चीन की BYD बन गई थी, अब टेस्ला की बिक्री फ्री फॉल में है. यूरोप उसका सबसे बड़ा बाजार. यूरोप में बिक्री 45% गिरी है. जर्मनी में तो 76% कम हो गई है, जहां टेस्ला की फैक्ट्री भी है. चीन भी टेस्ला का बड़ा बाजार है, लेकिन वहां भी बिक्री कम हो रही है. अभी 11.5% गिरी हुई है. बिक्री गिरी तो शेयर को गिरना ही है.

इसका कारण?

एक कारण तो चीन की कंपनियां हैं, जो सस्ती EV बना रही हैं. मुख्य रूप से BYD ही. यूरोप में इसकी कारें खूब बिक रही हैं. इससे बड़ा कारण मस्क भाई का पॉलिटिकल एडवेंचर है. खुलकर ट्रंप को सपोर्ट किए और अभी सरकार में छंटनी का कलंक ले रहे हैं. ट्रंप इस बार डॉलर का घोड़ा खोलकर दिग्विजय करने निकले हैं. भारत, चीन, कनाडा, मेक्सिको, यूरोप सबको पेले पड़े हैं. इसके चक्कर में टेस्ला का बहिष्कार हो रहा है.

टेस्ला का असल नुकसान अभी बाकी है. उसका सबसे बड़ा बाजार अमेरिका ही है. वहां भी बॉयकॉट हो रहा है, लेकिन ट्रंप दूसरे तरीके से तगड़ा नुकसान करने वाले हैं. टेस्ला की अभी 4 फैक्ट्रियां हैं. दो अमेरिका में. एक चीन में. एक जर्मनी में. चीन की शंघाई फैक्ट्री अकेले 50% से ज्यादा मैन्युफैक्चर करती है. ट्रंप टैरिफ इसपर भी लगेगा. जर्मनी वाले पर भी लगेगा. मतलब अमेरिका में भी टेस्ला की कारें महंगी हो जाएंगी.

यही कारण है अब ट्रंप लोगों से टेस्ला खरीदने के लिए बोल रहे हैं, फिर भी शेयर सुधर नहीं रहा है.

(इस कहानी से सीख मिलती है कि हमें कुछ भी करके सनकी लोगों की संगत से दूर रहना चाहिए. जैसे दुर्योधन का संगत भीष्म और द्रोण को मरवा देता है, वैसे ही ट्रंप जैसे सनकियों की संगत में मस्क भाई निपट जाते हैं. 🙂

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