
भारत की राजनीति के इतिहास में भारतीय जनता पार्टी अपने सबसे निचले स्तर पर जा गिरी है। देहरादून में नेता विपक्ष राहुल गांधी का छात्रों से संबोधन का कार्यक्रम होना था। लेकिन धामी सरकार ने राहुल का कार्यक्रम न सिर्फ रद्द करवा दिया, बल्कि उसी दिन नचनिया जैस्मीन सैंडलस के प्रोग्राम को इजाजत दे दी गई।
अजीत सिंह-
देश की राजनीति किस स्तर पर आ गई है!
देहरादून के जिस परेड ग्राउंड में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की बुकिंग प्रशासन ने रद्द कर दी थी, उसी ग्राउंड में आज मशहूर गायिका जैस्मीन सैंडलस की आवाज़ गूंज रही थी।
वहीं, राहुल गांधी से संवाद के लिए बन्नू स्कूल ग्राउंड में युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी। मूसलाधार बारिश के बावजूद छात्रों का उत्साह कम नहीं हुआ। वहाँ पेपर लीक, भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
लेकिन इन सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा सरकार ने क्या रास्ता चुना? परेड ग्राउंड में राहुल गांधी का कार्यक्रम रद्द करवा दिया और उसी दिन “लोक संवर्धन पर्व” के नाम पर जैस्मीन सैंडलस का प्रोग्राम करवा दिया। प्रवेश भी निःशुल्क रखा। शायद यह सोचकर कि युवाओं को और क्या चाहिए? सोच देखिए।
कोटा के बाद आज देहरादून में राहुल गांधी का स्टूडेंट के लिए कार्यक्रम होने वाला है और आज ही सरकार की तरफ से जैस्मीन सैंडलस का लाइव शो रखा गया है और वो भी एंट्री फ्री रखी गई है जिससे ज्यादा से ज्यादा युवा उधर जा पाएं और राहुल गांधी वाले कैंपेन में ना जाएं…
वैसे क्या ये बात युवाओं की समझ में नहीं आएगी कि हमारे साथ क्या किया जा रहा है।
-सौरभ यादव, पत्रकार

अजीत सिंह राठी-
एक बात तो मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि देहरादून में युवाओं का ये सैलाब म्यूजिक पर थिरकने के लिए तो नहीं उमड़ा, यही करना होता तो एक किमी की दूरी पर परेड ग्राउंड में मशहूर सिंगर जैस्मीन सैंडलास के शो में जाता।
लेकिन उन्होंने जैस्मिन को छोड़कर राहुल गांधी के “छात्रों की गूँज” कार्यक्रम में आने को प्राथमिकता दी। ये गूँज दिल्ली तक तो पक्का जाएगी।
राजा तिवारी-
गिरो और गिरो गिरने की कोई सीमा नहीं होती है इसी सोच के चलते भाजपा सरकार ने परेड ग्राउंड में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का कार्यक्रम रद्द करवा दिया था, और उसी दिन “लोक संवर्धन पर्व” के नाम पर जैस्मीन सैंडलस का प्रोग्राम करवा दिया। प्रवेश भी निःशुल्क रखा।
लेकिन छात्रों (बच्चों) और उनके अविभावकों ने बड़ी संख्या में बन्नू स्कूल में पहुंचकर भाजपा एनडीए सरकार को आईना दिखा ही दिया।



