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उत्तर प्रदेश

सहारा PF घोटाला: ओपी श्रीवास्तव, जेबी राय, करुणेश अवस्थी, अनिल पांडेय, राना जिया, जिया कादरी के खिलाफ लखनऊ में मुकदमा, देखें FIR

Hindi newspaper front-page article with two men’s photos and a central caption box describing a criminal case.

लखनऊ। सहारा ग्रुप के कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) की रकम जमा न करने के मामले में लखनऊ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (EPFO) कार्यालय की ओर से एसीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद अलीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में सहारा ग्रुप के PF ट्रस्टी ओपी श्रीवास्तव और जेबी राय समेत छह लोगों को आरोपी बनाया गया है।

एफआईआर में ओपी श्रीवास्तव और जेबी राय के अलावा करुणेश अवस्थी, अनिल कुमार पांडेय, राना जिया, जिया कादरी का नाम शामिल है। ये सभी सहारा ग्रुप की फर्मों के अधिकारी हैं।

मुकदमा FIR संख्या 161/2026 के तहत दर्ज किया गया है। आरोप है कि सहारा ग्रुप ने हजारों कर्मचारियों के वेतन से करोड़ों रुपये की PF राशि की कटौती की, लेकिन कटौती की गई रकम के साथ नियोक्ता की ओर से जमा की जाने वाली राशि भी संबंधित EPFO कार्यालय में जमा नहीं कराई गई।

कर्मचारियों के PF खातों में नहीं जमा हुई रकम

मामले के मुताबिक, सहारा ग्रुप के कर्मचारियों के वेतन से PF के नाम पर राशि काटी जाती रही। आरोप है कि कर्मचारियों के वेतन से काटी गई PF राशि और नियोक्ता के हिस्से की रकम को संबंधित खातों में जमा नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों के PF खातों में रकम जमा नहीं हो सकी।

इस मामले को लेकर EPFO कमिश्नर की ओर से सहारा ग्रुप को कई बार नोटिस जारी किए गए। नोटिस में कर्मचारियों के वेतन से काटी गई PF राशि और कंपनी के हिस्से की रकम को संबंधित खातों में जमा करने के निर्देश दिए गए थे।

नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, EPFO की ओर से जारी नोटिस का संतोषजनक जवाब देने के बजाय सहारा ग्रुप ने कोर्ट का रुख किया। कंपनी की ओर से कथित तौर पर स्टे हासिल कर लिया गया।

इसके बाद EPFO की ओर से कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए कोर्ट में स्टे खारिज कराने की मांग की गई। कोर्ट ने मामले में सुनवाई के बाद स्टे को खारिज कर दिया।

करीब चार महीने चली सुनवाई

स्टे खारिज होने के बाद EPFO की ओर से पुलिस में FIR दर्ज कराने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद EPFO कमिश्नर ने एसीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया।

मामले की करीब चार महीने तक सुनवाई चली। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले पर सख्त टिप्पणी करते हुए पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दिया।

कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने दर्ज किया केस

कोर्ट के आदेश के अनुपालन में शनिवार को अलीगंज पुलिस ने सहारा ग्रुप के PF ट्रस्टी ओपी श्रीवास्तव और जेबी राय समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस अब FIR में लगाए गए आरोपों के साथ कर्मचारियों के वेतन से काटी गई PF राशि, EPFO में जमा नहीं की गई रकम और इससे संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगी। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि कर्मचारियों के वेतन से काटी गई रकम और नियोक्ता के हिस्से की राशि का इस्तेमाल या भुगतान किस तरह किया गया।

मामले में पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी और यह सामने आएगा कि PF की रकम जमा न करने के लिए जिम्मेदार कौन-कौन लोग हैं।

एफआईआर की प्रति देखें…

Page displaying an NCRB First Information Report (FIR) form with bilingual headings, FIR details, and sections for offence occurrence and data such as date and time.
Page from an NCRB police complaint form showing fields for Beat No, district, division of police station, and details of the complainant (name, father's name, date of birth, nationality, UID, passport, and ID details) in English and Hindi/Marathi.
NCRB form page with two tables: Address Type and Address, listing entries and sample names in Hindi; page 3 of the document.
NCRB document page with a Hindi table listing license holders (Sr. no. 3–6): names, fathers’ names, and addresses; sections 8–9 follow.
Page from an NCRB report with sections 10–12, showing a table header for UIDB Number and a long block of First Information contents in English and Hindi.
Page from an NCRB notice describing alleged fraud by Sahara India Mass-Communication, with long legal text.
NCRB document page 7 with English and Hindi text, detailing Section 13 Action taken and case investigation notes.
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