अयोध्या। रामलला के दर्शन के नाम पर कथित तौर पर पैसे वसूलने से जुड़ी दैनिक भास्कर की एक स्टिंग रिपोर्ट चर्चा में है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अयोध्या में कुछ बिचौलिए श्रद्धालुओं को पैसे लेकर प्रोटोकॉल के जरिए राम मंदिर में दर्शन कराने की बात कर रहे हैं। खास बात यह है कि भास्कर ने यह खबर प्रकाशित करने के बाद इसे अपनी वेबसाइट से हटा दिया। हालांकि, खबर की हेडिंग और उसके कई अंश दूसरे प्लेटफॉर्मों पर अब भी उपलब्ध हैं।
7300 रुपए में दर्शन कराने का दावा
रिपोर्ट की हेडिंग में दावा किया गया था—“अयोध्या में रिश्वत दीजिए, रामलला के दर्शन कीजिए: ज्यादा पैसे दोगे तो दरोगा साथ जाएगा, रील भी बनवाएगा; स्टिंग में देखिए पूरी सौदेबाजी।”
रिपोर्ट में कथित तौर पर एक व्यक्ति से हुई बातचीत का हवाला देते हुए बताया गया था कि 7,300 रुपए में राम मंदिर में दर्शन कराने की व्यवस्था की जा सकती है। इसके लिए मजिस्ट्रेट के यहां से प्रोटोकॉल जारी कराने और फिर पुलिसकर्मी के साथ मंदिर ले जाने की बात कही गई थी।
रिपोर्ट में यह भी दावा था कि ज्यादा पैसे देने पर दरोगा के साथ मंदिर तक ले जाने के अलावा रील बनवाने जैसी सुविधा की भी बात कही गई।
मंदिर में दर्शन के लिए नहीं लगता कोई शुल्क
राम मंदिर में सामान्य दर्शन के लिए श्रद्धालुओं से कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति पैसे लेकर प्रोटोकॉल या विशेष दर्शन कराने का दावा करता है तो यह गंभीर सवाल खड़ा करता है कि वह मंदिर की आधिकारिक व्यवस्था का हिस्सा है या श्रद्धालुओं को गुमराह कर रहा है।
खबर प्रकाशित हुई, फिर वेबसाइट से गायब
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि दैनिक भास्कर ने 22 अगस्त को यह रिपोर्ट प्रकाशित की थी, लेकिन अब उसका मूल वेबपेज उपलब्ध नहीं दिखाई दे रहा है। हालांकि, अन्य वेबसाइटों ने भास्कर की खबर का हवाला देते हुए उसकी हेडिंग और रिपोर्ट के अंश प्रकाशित किए हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दैनिक भास्कर ने रिपोर्ट को अपनी वेबसाइट से किस कारण हटाया। अखबार की ओर से खबर हटाने को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आता है तो वह इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण होगा।
उठ रहे कई सवाल
खबर के हटाए जाने के बाद अब सवाल यह भी उठ रहा है कि स्टिंग में सामने आए दावों की क्या स्थिति है और क्या प्रशासन ने इस मामले में कोई जांच शुरू की है। यदि पैसे लेकर दर्शन कराने का दावा करने वाले लोगों का किसी सरकारी अधिकारी या मंदिर की व्यवस्था से संबंध सामने आता है तो मामला और गंभीर हो सकता है।
फिलहाल उपलब्ध सामग्री के आधार पर 7300 रुपए लेकर दर्शन कराने का दावा स्टिंग में सामने आया आरोप है, इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह खबर को वेबसाइट से हटाए जाने की वजह भी अभी स्पष्ट नहीं है।
दैनिक भास्कर वाले अपने माथे पर ही क्यों नहीं छपवा लेते कि हम भाजपा के दलाल हैं। खुद ही स्टिंग ऑपरेशन करवाया कि अयोध्या में रिश्वत लेकर दर्शन करवाते हैं, ज्यादा पैसा दोगे तो दारोगा साथ जाएगा रील भी बनाएगा। लेकिन पता नहीं किसने रेल बनाई कि तेल लगाने के लिए अपनी ही खबर को डस्टबिन में फेंक दिया। तो भास्कर वालों गर्व से कहो हम दलाल हैं, फिजूल सारा सवाल है।
-नवीन कुमार, वरिष्ठ पत्रकार


